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ChhattisgarhRaipur

रायपुर के 17 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, 600 से ज्यादा लोगों का रेस्क्यू;

71 मजदूरों को NDRF ने बचाया

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बाद नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। खारून, महानदी और शिवनाथ नदियों में पानी बढ़ने के कारण रायपुर जिले के तटीय और निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जिले के करीब 17 गांवों में बाढ़ का पानी घुसने के बाद जिला प्रशासन ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है।

लगातार बारिश के कारण कई गांवों में घरों और खेतों में पानी भर गया है। जनजीवन प्रभावित होने के बाद प्रशासन, पुलिस, SDRF और NDRF की टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात की गई हैं। अब तक 600 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। वहीं महानदी पर निर्माणाधीन एनीकट में अचानक पानी बढ़ने से फंसे 71 मजदूरों को भी NDRF की टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया।

खारून नदी का जलस्तर बढ़ा, रायपुर-अमलेश्वर पुल पर चढ़ा पानी

रायपुर जिले में शुक्रवार रात से हुई लगातार बारिश के बाद शनिवार सुबह स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी। शुरुआती घंटों में खारून नदी का पानी रायपुर-अमलेश्वर पुल के नीचे से गुजर रहा था, लेकिन सुबह करीब 5 बजे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया।

देखते ही देखते पानी पुल के ऊपर पहुंच गया। करीब 3 फीट तक पानी चढ़ने के बाद पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर पुल के दोनों ओर बैरिकेडिंग कर आवागमन बंद कर दिया। लोगों को पुल की ओर जाने से रोक दिया गया।

वहीं शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण धरसींवा ब्लॉक के कई गांव भी जलमग्न हो गए। निचले इलाकों में पानी भरने के बाद ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए रेस्क्यू अभियान चलाया गया।

एनीकट में फंसे 71 मजदूर, पिलर पर चढ़कर बचाई जान

बाढ़ के बीच गोबरा-नवापारा क्षेत्र के ग्राम टीला से बड़ी घटना सामने आई। यहां महानदी पर निर्माणाधीन एनीकट में काम कर रहे 71 मजदूर अचानक पानी का तेज बहाव आने से फंस गए।

पानी का स्तर तेजी से बढ़ता देख मजदूरों ने अपनी जान बचाने के लिए एनीकट के पिलरों का सहारा लिया और उनके ऊपर चढ़ गए। स्थिति की जानकारी प्रशासन को मिलने के बाद राहत एवं बचाव दल को मौके पर भेजा गया।

इसके बाद NDRF की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी 71 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते हुई इस कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।

16 से ज्यादा गांवों से 600 से अधिक लोगों का रेस्क्यू

लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्रभावित गांवों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया। दिनभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन में 16 से अधिक गांवों से 600 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखने के लिए स्कूलों, पंचायत भवनों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अस्थायी राहत शिविर बनाए गए हैं। इन राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के ठहरने के साथ ही भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है।

प्रशासन के मुताबिक राहत शिविरों में 3 हजार से ज्यादा लोगों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की गई है।

पारागांव और निसदा में भी बाढ़ का असर

अभनपुर क्षेत्र के पारागांव में करीब 250 लोगों को पंचायत भवन में सुरक्षित ठहराया गया है। वहीं निसदा गांव में करीब 100 परिवारों के लगभग 300 लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।

धरसींवा क्षेत्र में भी जलभराव के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। यहां से करीब 123 लोगों को रेस्क्यू किए जाने की जानकारी है।

प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल के साथ NDRF और SDRF की टीमें भी मौके पर तैनात हैं।

100 से ज्यादा जवान और बचाव दल तैनात

बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए राहत एवं बचाव कार्य में 100 से ज्यादा पुलिस अधिकारी और जवान लगाए गए हैं। इनके साथ NDRF और SDRF की टीमें भी प्रभावित इलाकों में मौजूद हैं।

प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना और उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों से भी सतर्क रहने और तेज बहाव वाले पानी में जाने से बचने की अपील की जा रही है।

नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर पर प्रशासन की नजर

रायपुर जिले में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण प्रशासन अलर्ट मोड पर है। खारून, महानदी और शिवनाथ नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।

प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के किनारे जाने से बचें। जलभराव वाले रास्तों पर वाहन लेकर जाने से भी बचने की सलाह दी गई है।

फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रशासन की टीमें प्रभावित गांवों में स्थिति पर लगातार नजर रख रही हैं और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त रेस्क्यू टीमों को भी लगाया जा सकता है।

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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