रायपुर में जन्माष्टमी की धूम! मयूर थीम में सजेगा इस्कॉन मंदिर
नॉन स्टॉप कीर्तन से बनेगा रिकॉर्ड

रायपुर। जन्माष्टमी के पावन पर्व को लेकर राजधानी रायपुर में तैयारियां तेज हो गई हैं। शहर के इस्कॉन मंदिर में इस बार भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर तीन दिवसीय भव्य आयोजन किया जा रहा है। मंदिर परिसर को विशेष रूप से मयूर थीम पर सजाया जाएगा। मंदिर के बाहर से लेकर अंदर तक फूलों और मोर पंखों से आकर्षक सजावट की जाएगी। जन्माष्टमी के मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने की उम्मीद है।
आयोजकों के मुताबिक, इस बार जन्माष्टमी के दौरान रायपुर में करीब 9 से 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। आयोजन को लेकर मंदिर प्रबंधन की ओर से विशेष तैयारियां की जा रही हैं। धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी इस आयोजन का हिस्सा होंगी। मायापुर और दिल्ली से कथक कलाकारों के साथ खैरागढ़ के कलाकार भी अपनी प्रस्तुति देने रायपुर पहुंचेंगे।
मयूर थीम में नजर आएगा इस्कॉन मंदिर
इस साल इस्कॉन मंदिर की सजावट को खास और आकर्षक बनाने की तैयारी है। जन्माष्टमी पर मंदिर को मयूर थीम में सजाया जाएगा। परिसर में जगह-जगह मोर पंखों का इस्तेमाल किया जाएगा। ताजे फूलों से मंदिर के अलग-अलग हिस्सों को सजाया जाएगा, जिससे पूरा परिसर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं और उनके प्रिय मोर पंख की झलक देता नजर आएगा।
भगवान श्रीकृष्ण का श्रृंगार भी इसी थीम के अनुरूप किया जाएगा। कान्हा के मुकुट में मोरपंख और फूलों की सजावट श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र रहेगी। मंदिर में आने वाले भक्तों को इस बार जन्माष्टमी पर भक्ति के साथ-साथ एक अलग तरह का दृश्य अनुभव भी मिलेगा।
नॉन स्टॉप हरे कृष्णा कीर्तन होगा खास आकर्षण
इस बार जन्माष्टमी उत्सव में नॉन स्टॉप हरे राम, हरे कृष्णा संकीर्तन को खास तौर पर शामिल किया गया है। आयोजकों के अनुसार, लगातार होने वाले इस कीर्तन के जरिए एक नया रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया जाएगा।
जन्माष्टमी की रात जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, मंदिर परिसर में हरे कृष्णा महामंत्र की गूंज और तेज होती जाएगी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के कीर्तन में शामिल होने की संभावना है। भक्ति संगीत और संकीर्तन के बीच भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाएगा।
4 सितंबर को मंगल आरती से शुरू होगा पर्व
जन्माष्टमी कार्यक्रम की शुरुआत 4 सितंबर को सुबह 4 बजे भगवान श्रीकृष्ण की मंगल आरती और दर्शन के साथ होगी। इसके बाद पूरे दिन मंदिर परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
सुबह से ही श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पट खुले रहेंगे। दिनभर हरे राम, हरे कृष्णा संकीर्तन चलता रहेगा। भक्तों के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था भी की जाएगी। मंदिर में दिनभर अलग-अलग धार्मिक गतिविधियों का आयोजन होगा।
शाम के बाद जन्माष्टमी उत्सव का माहौल और भक्तिमय हो जाएगा। रात 9 बजे भगवान श्रीकृष्ण का महाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद आधी रात का सभी को इंतजार रहेगा। रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर भव्य महाआरती आयोजित की जाएगी। इसी के साथ जन्माष्टमी का मुख्य उत्सव अपने चरम पर पहुंचेगा।
मायापुर और दिल्ली से आएंगे कथक कलाकार
जन्माष्टमी के धार्मिक कार्यक्रमों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की भी तैयारी की गई है। आयोजन में मायापुर और दिल्ली के कथक कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके अलावा खैरागढ़ से भी कलाकार पहुंचेंगे।
भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति और भारतीय संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों के जरिए श्रद्धालुओं को धार्मिक वातावरण के साथ सांस्कृतिक विरासत से भी जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
5 सितंबर को शीलाप्रभुपाद की व्यास पूजा
तीन दिवसीय आयोजन का तीसरा दिन भी खास रहेगा। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर शीलाप्रभुपाद का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान व्यास पूजा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा।
धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के जरिए शीलाप्रभुपाद के योगदान और उनके विचारों को याद किया जाएगा। इस्कॉन से जुड़े श्रद्धालुओं के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है।
इस्कॉन में सेवा और भक्ति को दिया जाता है महत्व
रायपुर इस्कॉन मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ सेवा भाव को भी विशेष महत्व दिया जाता है। मंदिर से जुड़े लोगों के मुताबिक, यहां भगवान को केवल मूर्ति के रूप में नहीं, बल्कि अर्चा विग्रह के रूप में सेवा भाव से पूजा जाता है।
मंदिर में नियमित रूप से धार्मिक गतिविधियां होती हैं। भगवान की छह समय आरती और छह समय भोग की परंपरा के जरिए सेवा और भक्ति के भाव को महत्व दिया जाता है। जन्माष्टमी जैसे बड़े पर्व पर यही परंपरा और भी भव्य रूप में दिखाई देती है।
कुल मिलाकर इस बार रायपुर का इस्कॉन मंदिर जन्माष्टमी पर मयूर थीम, फूलों की सजावट, नॉन स्टॉप संकीर्तन, कथक प्रस्तुतियों, महाभिषेक और आधी रात की महाआरती से भक्तिमय नजर आएगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना के बीच मंदिर प्रबंधन भी आयोजन को लेकर तैयारियों में जुटा हुआ है।



