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राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद: संजय राउत ने ट्रस्ट को भंग करने की मांग, कहा- ‘यह संगठित अपराध है’

अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने राम मंदिर ट्रस्ट को भंग करने की मांग करते हुए पूरे मामले को “संगठित अपराध” बताया।

संजय राउत ने आरोप लगाया कि यह कोई सामान्य चोरी नहीं, बल्कि पूरी योजना के तहत अंजाम दिया गया अपराध है। उन्होंने कहा कि इस मामले में कई लोग शामिल हैं और दोषियों के खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) जैसी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सबसे पहले राम मंदिर ट्रस्ट को भंग किया जाना चाहिए। राउत ने आरोप लगाया कि यह केवल ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इसमें कई अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि छोटी वित्तीय अनियमितताओं पर जांच एजेंसियां तुरंत कार्रवाई करती हैं, लेकिन इतने बड़े कथित मामले में अब तक सख्त कदम क्यों नहीं उठाए गए।

‘देश की आस्था के साथ विश्वासघात’

राउत ने आरोप लगाया कि इस कथित घोटाले से भगवान श्रीराम, श्रद्धालुओं और पूरे देश की आस्था के साथ विश्वासघात हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा नेतृत्व की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

आभूषण गायब होने का आरोप

संजय राउत ने दावा किया कि श्रद्धालुओं द्वारा भगवान श्रीराम और माता सीता को चढ़ाए गए कई कीमती आभूषण गायब हैं। उनके अनुसार, सोने का मंगलसूत्र, कंगन, झुमके, अन्य स्वर्ण आभूषण और स्वर्ण रामचरितमानस सहित कई बहुमूल्य वस्तुओं में कथित गड़बड़ी हुई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है।

‘राम रक्षा आंदोलन’ की शुरुआत

इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मुंबई में ‘राम रक्षा आंदोलन’ की शुरुआत की है। पार्टी का कहना है कि यह अभियान मंदिरों की संपत्ति और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के लिए चलाया जाएगा तथा इसे महाराष्ट्र के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों तक भी ले जाया जाएगा।

उद्धव ठाकरे ने हिंदुत्व की विचारधारा में विश्वास रखने वाले लोगों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील भी की है।

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