राम मंदिर चंदा चोरी केस: FIR के बाद 8 आरोपी गिरफ्तार, BNS की गंभीर धाराओं में केस दर्ज

अयोध्या के राम मंदिर चंदा चोरी मामले में पहली बार एफआईआर दर्ज होने के बाद नामजद सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर रही है। यह एफआईआर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज की गई।
एफआईआर में अनुकल्प मिश्रा, अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, रमाशंकर मिश्रा, करुणेश पांडे, सुभाष श्रीवास्तव और रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को आरोपी बनाया गया है। सभी मंदिर में चढ़ावे के रूप में मिले नकद और कीमती सामान की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े थे।
मामला सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 306 (नियोक्ता की संपत्ति की चोरी), 316 (आपराधिक विश्वासघात), 317 (चोरी की संपत्ति से जुड़े अपराध) और 61 (आपराधिक साजिश) समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
इसके अलावा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(a) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। इन धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर 7 वर्ष से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है, जबकि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत 4 से 10 वर्ष तक की कठोर कैद हो सकती है।
गौरतलब है कि चंदा चोरी का मामला 7 जून को सामने आया था। इसके बाद 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी, जिसके आधार पर 25 जून की रात एफआईआर दर्ज की गई और अब सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

