शिवा शर्मा मौत मामला: श्रद्धा दुबे को लखनऊ लाई STF, नागपुर में पनाह देने वालों की भी जांच

लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी श्रद्धा दुबे को विशेष कार्यबल (STF) लखनऊ लेकर पहुंच गई है। उसे नागपुर से गिरफ्तार किया गया था। श्रद्धा के साथ उसकी बहन रश्मि और चालक दानिश को भी लाया गया है। श्रद्धा को हजरतगंज कोतवाली में रखा गया है, जहां पुलिस उसके बयान दर्ज करेगी। मेडिकल जांच के बाद तीनों को अदालत में पेश किए जाने की बात कही गई है।
नागपुर में संरक्षण देने के आरोपों की जांच
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जुल्फिकार बेहलिम और मोहसिन पर श्रद्धा को नागपुर में संरक्षण देने के आरोप हैं। दोनों के कथित आपराधिक नेटवर्क और कारोबारियों से रंगदारी मांगने तथा धमकी देने से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में उनके गिरोह पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई की गई थी। मादक पदार्थों और सोने की तस्करी से जुड़े नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।
शिवा की मौत के बाद लगातार बदले ठिकाने
पुलिस के अनुसार, 9 अक्टूबर को शिवा शर्मा की मौत के बाद श्रद्धा अपनी बहन रश्मि और चालक दानिश के साथ केजीएमयू पहुंची थी। वहां से निकलने के बाद तीनों ने सीतापुर, महमूदाबाद और बहराइच समेत कई जगहों पर ठिकाने बदले और रुपईडीहा सीमा के रास्ते नेपाल चले गए।
जांच में नेपाल के बुटवल में बिना पहचान पत्र के होटल में ठहरने की जानकारी मिली। हालांकि, पुलिस टीम के पहुंचने से पहले ही वे वहां से निकल गए। करीब 16 अक्टूबर के आसपास भारत लौटने के बाद भी उन्होंने लगातार अपनी जगह बदली। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान वे महराजगंज के भगवानपुर बॉर्डर से भारत में दाखिल हुए और फिर अलग-अलग वाहनों से यात्रा की।
सिम कार्ड निकालकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक
शिवा शर्मा मौत मामला: श्रद्धा दुबे को लखनऊ लाई STF, नागपुर में पनाह देने वालों की भी जांच
लखनऊ के कारोबारी शिवा शर्मा की मौत के मामले में आरोपी श्रद्धा दुबे को विशेष कार्यबल (STF) लखनऊ लेकर पहुंच गई है। उसे नागपुर से गिरफ्तार किया गया था। श्रद्धा के साथ उसकी बहन रश्मि और चालक दानिश को भी लाया गया है। श्रद्धा को हजरतगंज कोतवाली में रखा गया है, जहां पुलिस उसके बयान दर्ज करेगी। मेडिकल जांच के बाद तीनों को अदालत में पेश किए जाने की बात कही गई है।
नागपुर में संरक्षण देने के आरोपों की जांच
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जुल्फिकार बेहलिम और मोहसिन पर श्रद्धा को नागपुर में संरक्षण देने के आरोप हैं। दोनों के कथित आपराधिक नेटवर्क और कारोबारियों से रंगदारी मांगने तथा धमकी देने से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में उनके गिरोह पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) के तहत कार्रवाई की गई थी। मादक पदार्थों और सोने की तस्करी से जुड़े नेटवर्क की भी पड़ताल की जा रही है।
शिवा की मौत के बाद लगातार बदले ठिकाने
पुलिस के अनुसार, 9 अक्टूबर को शिवा शर्मा की मौत के बाद श्रद्धा अपनी बहन रश्मि और चालक दानिश के साथ केजीएमयू पहुंची थी। वहां से निकलने के बाद तीनों ने सीतापुर, महमूदाबाद और बहराइच समेत कई जगहों पर ठिकाने बदले और रुपईडीहा सीमा के रास्ते नेपाल चले गए।
जांच में नेपाल के बुटवल में बिना पहचान पत्र के होटल में ठहरने की जानकारी मिली। हालांकि, पुलिस टीम के पहुंचने से पहले ही वे वहां से निकल गए। करीब 16 अक्टूबर के आसपास भारत लौटने के बाद भी उन्होंने लगातार अपनी जगह बदली। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान वे महराजगंज के भगवानपुर बॉर्डर से भारत में दाखिल हुए और फिर अलग-अलग वाहनों से यात्रा की।
सिम कार्ड निकालकर पुलिस को चकमा देने की कोशिश
पुलिस के मुताबिक, फरारी के दौरान श्रद्धा और उसके साथियों ने मोबाइल फोन से सिम कार्ड निकाल दिए थे, ताकि उनकी लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो। बाद में मोबाइल उपकरणों पर इंटरनेट सक्रिय होने के संकेत मिलने पर जांच टीम ने आईपी एड्रेस के आधार पर पड़ताल शुरू की।
हालांकि, कई बार संभावित लोकेशन पर पहुंचने पर पता चलता था कि इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल कोई रिक्शा या कैब चालक कर रहा है। जांच के अनुसार, आरोपी सफर के दौरान वाहन चालकों के मोबाइल से इंटरनेट कनेक्शन लेते थे। इससे पुलिस को उनके वास्तविक ठिकाने तक पहुंचने में परेशानी हुई।
कैब चालक से मिले सुराग के बाद नागपुर में गिरफ्तारी
जांच के दौरान कैब चालक के मोबाइल से मिले इंटरनेट कनेक्शन ने अहम सुराग दिया। फतेहपुर में लोकेशन से संबंधित जानकारी मिलने के बाद प्रयागराज एसटीएफ भी जांच में जुटी। अलग-अलग सुराग जोड़ते हुए टीम नागपुर तक पहुंची। पुलिस के मुताबिक, 20 अक्टूबर को नागपुर पुलिस ने श्रद्धा, रश्मि और दानिश को गिरफ्तार किया। अब पुलिस इस मामले में उनकी भूमिका और कथित मददगारों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
, फरारी के दौरान श्रद्धा और उसके साथियों ने मोबाइल फोन से सिम कार्ड निकाल दिए थे, ताकि उनकी लोकेशन का पता लगाना मुश्किल हो। बाद में मोबाइल उपकरणों पर इंटरनेट सक्रिय होने के संकेत मिलने पर जांच टीम ने आईपी एड्रेस के आधार पर पड़ताल शुरू की।
हालांकि, कई बार संभावित लोकेशन पर पहुंचने पर पता चलता था कि इंटरनेट कनेक्शन का इस्तेमाल कोई रिक्शा या कैब चालक कर रहा है। जांच के अनुसार, आरोपी सफर के दौरान वाहन चालकों के मोबाइल से इंटरनेट कनेक्शन लेते थे। इससे पुलिस को उनके वास्तविक ठिकाने तक पहुंचने में परेशानी हुई।
कैब चालक से मिले सुराग के बाद नागपुर में गिरफ्तारी
जांच के दौरान कैब चालक के मोबाइल से मिले इंटरनेट कनेक्शन ने अहम सुराग दिया। फतेहपुर में लोकेशन से संबंधित जानकारी मिलने के बाद प्रयागराज एसटीएफ भी जांच में जुटी। अलग-अलग सुराग जोड़ते हुए टीम नागपुर तक पहुंची। पुलिस के मुताबिक, 20 अक्टूबर को नागपुर पुलिस ने श्रद्धा, रश्मि और दानिश को गिरफ्तार किया। अब पुलिस इस मामले में उनकी भूमिका और कथित मददगारों के संबंध में पूछताछ कर रही है।



