शहरी विकास कार्यों के लिए राज्य सरकार ने जारी किए 104 करोड़
महापौर, अध्यक्ष और पार्षद निधि से होंगे मूलभूत विकास कार्य

रायपुर। राज्य सरकार(state government) ने शहरी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देने के लिए नगरीय निकायों को बड़ी वित्तीय सौगात दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने नगर निगमों में महापौर निधि, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अध्यक्ष निधि तथा सभी नगरीय निकायों में पार्षद निधि के रूप में कुल 104 करोड़ 54 लाख 25 हजार रुपये जारी किए हैं। यह राशि उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री Arun Sao के अनुमोदन के बाद जारी की गई है।
महापौर निधि के 50 प्रतिशत पैसे का उपयोग होगा नगरीय क्षेत्रों के विकास कार्यों में
राज्य सरकार(state government) के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए महापौर निधि और अध्यक्ष निधि की 50 प्रतिशत प्रथम किस्त के रूप में कुल 31 करोड़ 16 लाख 25 हजार रुपये जारी किए गए हैं। वहीं, पार्षद निधि के रूप में 73 करोड़ 38 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। इस राशि का उपयोग नगरीय क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं और विकास कार्यों के विस्तार के लिए किया जाएगा।
14 नगर निगम, 57 नगर पालिका और 121 नगर पंचायतों को मिली राशि
जारी आंकड़ों के अनुसार, 14 नगर निगमों को महापौर निधि के तहत 10 करोड़ 12 लाख 50 हजार रुपये, 57 नगर पालिकाओं को अध्यक्ष निधि के रूप में 11 करोड़ 6 लाख 25 हजार रुपये तथा 121 नगर पंचायतों को अध्यक्ष निधि के तहत 9 करोड़ 97 लाख 50 हजार रुपये जारी किए गए हैं।इसी प्रकार पार्षद निधि की प्रथम किस्त के रूप में नगर निगमों को 21 करोड़ 84 लाख रुपये, नगर पालिकाओं को 24 करोड़ 34 लाख 50 हजार रुपये और नगर पंचायतों को 27 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई है।
राज्य सरकार(state government) ने सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि इन निधियों का पारदर्शी और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि शहरी क्षेत्रों की जनता को विकास योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। सरकार का कहना है कि इस वित्तीय सहायता से शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे और जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों को नई गति मिलेगी।

