हंदवाड़ा में आतंकी पोस्टर मॉड्यूल का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार
सार्वजनिक स्थान पर लगाए गए थे राष्ट्रविरोधी और भड़काऊ पोस्टर; OGWs समेत अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही पुलिस

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में सार्वजनिक स्थान पर राष्ट्रविरोधी और भड़काऊ पोस्टर लगाने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने इस कार्रवाई को आतंकी पोस्टर मॉड्यूल (Terrorist) का भंडाफोड़ बताया है। मामले में ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) और कुछ अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी से जुड़े संपर्कों और पोस्टर लगाने के पीछे के मकसद का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
इस मामले में पुलिस ने एफआईआर संख्या 259/2026 दर्ज कर जांच शुरू की थी। अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। हालांकि, गिरफ्तार आरोपी की पहचान, पोस्टर की सटीक सामग्री और घटना के पीछे की मंशा को लेकर विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
सार्वजनिक स्थान पर लगाए गए थे पोस्टर
हंदवाड़ा पुलिस के मुताबिक, थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक सार्वजनिक स्थान पर राष्ट्रविरोधी और भड़काऊ पोस्टर लगाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज की और जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने पोस्टर लगाने की घटना से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि पोस्टर किसने तैयार किए, उन्हें सार्वजनिक स्थान पर लगाने की योजना कैसे बनाई गई और इस काम में किसी अन्य व्यक्ति ने मदद की थी या नहीं।
जांच एजेंसियां घटना से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही हैं। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि पोस्टर लगाने की घटना किसी बड़ी गतिविधि का हिस्सा थी या इसमें कुछ लोगों की ही भूमिका थी।
OGWs और अन्य लोगों की भूमिका की जांच
पुलिस की जांच (Terrorist) में ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) और कुछ अन्य व्यक्तियों की संभावित संलिप्तता के संकेत मिलने की बात सामने आई है। इसके बाद जांच एजेंसियां कथित नेटवर्क के संपर्कों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियां आतंकवादी संगठनों से जुड़े उन लोगों की गतिविधियों पर भी नजर रखती हैं, जो प्रत्यक्ष रूप से हथियारबंद गतिविधियों में शामिल हुए बिना उन्हें किसी तरह की मदद पहुंचाने के संदेह में होते हैं। ऐसे लोगों को आम तौर पर ओवर ग्राउंड वर्कर्स कहा जाता है। हालांकि, हंदवाड़ा के इस मामले में किन व्यक्तियों की भूमिका संदिग्ध है और उनकी संलिप्तता किस तरह की है, इस बारे में पुलिस ने विस्तृत जानकारी साझा नहीं की है।
पुलिस अन्य संदिग्धों की पहचान करने और उनकी भूमिका स्पष्ट करने में जुटी है। जांच के तहत यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरफ्तार आरोपी के साथ और कौन लोग संपर्क में थे। इसके अलावा, पोस्टर लगाने के लिए किसी तरह की योजना, समन्वय या बाहरी मदद लिए जाने की आशंका की भी पड़ताल की जा रही है।
अधिकारियों के मुताबिक, जांच का उद्देश्य घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका स्पष्ट करना और यदि कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है, तो उसके अन्य सदस्यों तक पहुंचना है। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है।
सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने पर जोर
हंदवाड़ा पुलिस ने कहा है कि क्षेत्र में शांति, कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी नजदीकी थाने को देने की अपील की है। साथ ही, लोगों से जांच में सहयोग करने का आग्रह किया गया है, ताकि ऐसी घटनाओं पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके।
सुरक्षा एजेंसियों (Terrorist) के लिए इस मामले में गिरफ्तार आरोपी के साथ संभावित संपर्कों का पता लगाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, कथित नेटवर्क की वास्तविक सीमा और अन्य लोगों की भूमिका जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
फिलहाल पुलिस एफआईआर संख्या 259/2026 के तहत मामले की जांच कर रही है। जांच के अगले चरण में अन्य संदिग्धों की पहचान, पोस्टर लगाने के पीछे की मंशा और संभावित सहयोगियों की भूमिका पर ध्यान दिया जा रहा है।



