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शेयर बाजार की तेजी पर इस हफ्ते रहेगा इन 5 बड़े फैक्टर्स का असर, निवेशकों की नजर इन संकेतों पर

भारतीय शेयर बाजार ने पिछले सप्ताह उतार-चढ़ाव के बीच बढ़त के साथ कारोबार खत्म किया। सेंसेक्स 0.52 फीसदी की तेजी के साथ 78,499.17 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 0.77 फीसदी बढ़कर 24,570.65 पर पहुंच गया। अब इस सप्ताह बाजार की दिशा कई घरेलू और वैश्विक घटनाक्रमों से तय होने की उम्मीद है। कंपनियों के तिमाही नतीजे, महंगाई के आंकड़े, कच्चे तेल की कीमत और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार के लिए अहम रहेंगी।

तिमाही नतीजों और महंगाई के आंकड़ों पर नजर

इस सप्ताह कई बड़ी कंपनियां अप्रैल-जून तिमाही यानी Q1 FY27 के नतीजे जारी करेंगी। इनमें टाटा मोटर्स, अशोक लेलैंड, अपोलो हॉस्पिटल्स, HAL, भारत फोर्ज और ग्रासिम इंडस्ट्रीज जैसी कंपनियां शामिल हैं। निवेशक कंपनियों के मुनाफे, बिक्री और भविष्य के कारोबार को लेकर दिए गए अनुमान पर खास नजर रखेंगे। उम्मीद से बेहतर नतीजे बाजार में तेजी को समर्थन दे सकते हैं।

12 अगस्त को जुलाई 2026 के खुदरा महंगाई यानी CPI के आंकड़े जारी किए जाएंगे। इसके अलावा थोक महंगाई और विदेशी मुद्रा भंडार से जुड़े आंकड़े भी बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। महंगाई के आंकड़ों का असर रिजर्व बैंक की आगे की ब्याज दर नीति पर पड़ सकता है।

ग्लोबल तनाव, तेल और FII-DII की खरीदारी अहम

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बाजार के लिए बड़ा वैश्विक ट्रिगर बना हुआ है। तनाव कम होने पर निवेशकों का भरोसा बढ़ सकता है, जबकि स्थिति बिगड़ने पर शेयर बाजार में दबाव देखने को मिल सकता है।

कच्चे तेल की कीमतों पर भी निवेशकों की नजर रहेगी। शुक्रवार को ब्रेंट क्रूड 1.3 फीसदी बढ़कर 83.55 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड 1.15 फीसदी बढ़कर 78.18 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। भारत कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से कंपनियों की लागत और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की खरीदारी भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रहेगी। शुक्रवार को FII ने भारतीय शेयरों में 480.24 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने 235.56 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। अगर दोनों की खरीदारी जारी रहती है तो बाजार को मजबूती मिल सकती है, हालांकि वैश्विक घटनाक्रमों के कारण उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।

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