शी जिनपिंग 11 साल बाद अमेरिका पहुंचे, ट्रंप ने एयरपोर्ट पर खुद किया स्वागत
आज व्हाइट हाउस में स्टेट डिनर; ट्रेड, टैरिफ, AI, ताइवान, रेयर अर्थ और ईरान समेत कई मुद्दों पर होगी बातचीत

एजेंसी। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Jinping) तीन दिवसीय स्टेट विजिट पर अमेरिका पहुंच गए हैं। बुधवार को वॉशिंगटन के ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रोटोकॉल से हटकर खुद उनका स्वागत किया। शी जिनपिंग के साथ उनकी पत्नी पेंग लियुआन भी अमेरिका पहुंची हैं। ट्रंप की पत्नी और अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप भी स्वागत समारोह में मौजूद रहीं। शी का यह 11 साल बाद वॉशिंगटन का पहला स्टेट विजिट है।
ट्रंप का एयरपोर्ट पर शी का स्वागत करना खास माना जा रहा है। आमतौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति विदेशी राष्ट्राध्यक्षों का औपचारिक स्वागत व्हाइट हाउस में करते हैं। ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर ट्रंप ने चीनी राष्ट्रपति के दौरे को लेकर अमेरिका की ओर से विशेष महत्व का संकेत दिया। दोनों नेताओं के बीच इस साल यह तीसरी आमने-सामने मुलाकात है।
व्हाइट हाउस में आज स्टेट डिनर
शी जिनपिंग (Jinping) और पेंग लियुआन के सम्मान में गुरुवार रात व्हाइट हाउस के ईस्ट रूम में स्टेट डिनर आयोजित किया जाएगा। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक डिनर में टेक्नोलॉजी और बिजनेस जगत की कई बड़ी हस्तियों के शामिल होने की उम्मीद है। इनमें जेफ बेजोस, सुंदर पिचाई, सैम ऑल्टमैन, टिम कुक, एलन मस्क, एनवीडिया के जेन्सेन हुआंग और माइकल डेल जैसे नाम शामिल हैं।
व्हाइट हाउस के मुताबिक गुरुवार सुबह शी के सम्मान में औपचारिक स्टेट अराइवल सेरेमनी होगी। इसमें अमेरिकी सेना की सभी शाखाओं के 479 सैन्यकर्मी शामिल होंगे। रोज गार्डन में मिलिट्री रिव्यू और इसके बाद बी-2 बॉम्बर तथा चार एफ-22 लड़ाकू विमानों का फ्लाईओवर भी प्रस्तावित है। शाम को ट्रंप और मेलानिया ट्रंप स्टेट डिनर की मेजबानी करेंगे।
ट्रेड और टैरिफ पर सबसे ज्यादा फोकस
ट्रंप और शी जिनपिंग की बातचीत में अमेरिका-चीन व्यापार संबंध प्रमुख मुद्दा रहने की उम्मीद है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से टैरिफ को लेकर तनाव रहा है। हालिया बातचीत के बाद दोनों देशों ने व्यापारिक तनाव को कम करने के लिए बनी ट्रेड ट्रूस को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। अब दोनों पक्ष टैरिफ, व्यापार और आर्थिक संबंधों को लेकर आगे की दिशा पर चर्चा कर सकते हैं।
रेयर अर्थ मिनरल्स भी बातचीत का अहम मुद्दा हो सकता है। आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा उपकरणों और कई हाईटेक उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले इन खनिजों की वैश्विक सप्लाई में चीन की महत्वपूर्ण भूमिका है। अमेरिका इनके सप्लाई चैन को लेकर लंबे समय से चिंतित रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने भी शी की यात्रा के दौरान रेयर अर्थ और AI पर चर्चा को एजेंडे में शामिल बताया है।
AI और टेक्नोलॉजी में बढ़ती प्रतिस्पर्धा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Jinping) दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा का एक बड़ा क्षेत्र बन चुका है। अमेरिका और चीन AI मॉडल, चिप्स और अत्याधुनिक तकनीक में बढ़त हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की बातचीत में AI की सुरक्षा, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और हाईटेक सप्लाई चेन से जुड़े मुद्दे भी उठ सकते हैं।
ताइवान और ईरान पर भी नजर
ताइवान को लेकर अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से मतभेद हैं। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि अमेरिका ताइवान को सुरक्षा सहायता देता रहा है। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में ताइवान की सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता का मुद्दा भी शामिल होने की संभावना है।
इसके अलावा ईरान और रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े मुद्दे भी व्यापक रणनीतिक बातचीत का हिस्सा हो सकते हैं। शी की यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब अमेरिका-चीन संबंधों में व्यापार, तकनीक और सुरक्षा से जुड़े कई मतभेद बने हुए हैं। इसलिए तीन दिवसीय यात्रा के दौरान औपचारिक समारोहों के साथ दोनों देशों के बीच इन मुद्दों पर बातचीत पर भी दुनिया की नजर रहेगी।
शुक्रवार को नेशनल आर्काइव्स जाएंगे दोनों नेता
स्टेट विजिट के अंतिम दिन शुक्रवार को ट्रंप और शी जिनपिंग अपनी पत्नियों के साथ नेशनल आर्काइव्स जाएंगे। यहां अमेरिका-चीन संबंधों के इतिहास से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज देखे जाएंगे। इसके बाद शी जिनपिंग की अमेरिकी यात्रा समाप्त होगी।



