
नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में बुधवार को एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। कीमती धातुओं के बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों और खरीदारों को राहत मिली है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 18 जून को सोने और चांदी दोनों के दाम में कमी आई है।
आईबीजेए के मुताबिक, एक किलो चांदी की कीमत में 3,988 रुपए की गिरावट दर्ज की गई, जिसके बाद इसका भाव घटकर 2.44 लाख रुपए प्रति किलो रह गया। इससे पहले चांदी का भाव करीब 2.48 लाख रुपए प्रति किलो था। वहीं, 24 कैरेट सोने की कीमत में 816 रुपए प्रति 10 ग्राम की कमी आई है। इसके बाद 10 ग्राम शुद्ध सोने का भाव घटकर 1.49 लाख रुपए पर पहुंच गया है।
ऑलटाइम हाई से काफी नीचे पहुंचे दाम
इस साल सोने और चांदी दोनों की कीमतों में जबरदस्त तेजी और फिर गिरावट देखने को मिली है। वर्ष 2025 के अंत में जहां सोना 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था, वहीं 29 जनवरी 2026 को इसकी कीमत बढ़कर 1.76 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी।
हालांकि इसके बाद बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला और अब सोना अपने ऑलटाइम हाई से करीब 27 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है। इससे उन लोगों को राहत मिल सकती है जो लंबे समय से सोने की खरीदारी का इंतजार कर रहे थे।
चांदी में भी बड़ी गिरावट
चांदी की बात करें तो इसमें भी रिकॉर्ड तेजी के बाद अब बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी का भाव करीब 2.30 लाख रुपए प्रति किलो था, जो 29 जनवरी 2026 को बढ़कर 3.86 लाख रुपए प्रति किलो के ऐतिहासिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था।
लेकिन पिछले करीब 140 दिनों में चांदी के दाम में भारी गिरावट दर्ज की गई है। वर्तमान कीमतों को देखें तो चांदी अपने ऑलटाइम हाई से करीब 1.42 लाख रुपए प्रति किलो तक नीचे आ चुकी है। यह गिरावट निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
निवेशकों और खरीदारों की नजर बाजार पर
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव, डॉलर की स्थिति, ब्याज दरों में बदलाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों का सीधा असर सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है। यही वजह है कि पिछले कुछ महीनों में इन दोनों धातुओं के दाम में लगातार अस्थिरता बनी हुई है।
फिलहाल बाजार की नजर आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेतकों और निवेशकों की गतिविधियों पर बनी हुई है। यदि यही रुझान जारी रहता है तो सोने और चांदी की कीमतों में आगे भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। वहीं, विशेषज्ञ खरीदारी करने वालों को बाजार की स्थिति को देखते हुए निवेश संबंधी निर्णय लेने की सलाह दे रहे हैं।

