मानसून से पहले बिलासपुर नगर निगम अलर्ट,
बाढ़ और जलभराव से निपटने चौबीसों घंटे कंट्रोल रूम शुरू

बिलासपुर। आगामी वर्षा ऋतु और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बिलासपुर नगर निगम ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। शहर में जलभराव, नालियों के अवरुद्ध होने और जल निकासी से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के लिए निगम ने विकास भवन में बाढ़ नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) स्थापित किया है। यह कंट्रोल रूम पूरे मानसून सीजन के दौरान चौबीसों घंटे संचालित रहेगा।
नगर निगम द्वारा जारी आदेश के अनुसार कंट्रोल रूम का उद्देश्य बारिश के दौरान उत्पन्न होने वाली आपात परिस्थितियों पर तत्काल प्रतिक्रिया देना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों की अलग-अलग पालियों में ड्यूटी लगाई गई है, ताकि किसी भी समय मिलने वाली शिकायत या सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश
बाढ़ नियंत्रण एवं आपदा प्रबंधन कार्यों के लिए अपर आयुक्त खजांची कुम्हार और मुख्य अभियंता राज कुमार मिश्रा को संयुक्त रूप से नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं अधीक्षण अभियंता एस.पी. साहू को सहायक नोडल अधिकारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ये अधिकारी बारिश के दौरान राहत और बचाव कार्यों की निगरानी करेंगे तथा आवश्यक निर्देश जारी करेंगे।
तत्काल किया जाएगा समस्या के समाधान का प्रयास
नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने बाढ़ नियंत्रण कक्ष का हेल्पलाइन नंबर 07752-471224 जारी किया है। शहर के किसी भी क्षेत्र में जलभराव, नाली जाम, जल निकासी में बाधा या वर्षाकाल से जुड़ी अन्य समस्याओं की सूचना इस नंबर पर दी जा सकती है। शिकायत मिलने पर संबंधित अमले को तत्काल मौके पर भेजकर समस्या के समाधान का प्रयास किया जाएगा।
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि मानसून के दौरान शहर के संवेदनशील और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही मैदानी अमले को सक्रिय कर नालों और जल निकासी तंत्र को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। निगम का लक्ष्य है कि बारिश के दौरान नागरिकों को कम से कम परेशानी हो और शहर की सामान्य व्यवस्था प्रभावित न हो।
नगर निगम ने शहरवासियों से की सहयोग की अपील
नगर निगम प्रशासन ने शहरवासियों से भी सहयोग की अपील की है। नागरिकों से कहा गया है कि वे नालियों और जल निकासी मार्गों में कचरा न फेंकें तथा किसी भी समस्या की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम को दें। प्रशासन का मानना है कि जनसहयोग और समय पर कार्रवाई से मानसून के दौरान संभावित संकटों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

