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रायपुर स्टेडियम में महिला इंटरनेशनल मैचों का रास्ता साफ, NGT ने दी सशर्त मंजूरी; 20 लाख रुपए जमा कराने होंगे

रायपुर-रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में होने वाले महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों को लेकर बना संकट फिलहाल टल गया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण यानी NGT ने स्टेडियम में 16, 18 और 20 अक्टूबर को प्रस्तावित तीन महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के आयोजन की सशर्त अनुमति दे दी है। NGT की अनुमति मिलने के बाद अब इन मुकाबलों के आयोजन का रास्ता साफ हो गया है।

हालांकि, अधिकरण ने स्टेडियम प्रबंधन के सामने कई शर्तें भी रखी हैं। इनमें सबसे अहम शर्त 20 लाख रुपए जमा कराने की है। यह राशि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के पास जमा कराई जाएगी। इस राशि का इस्तेमाल संबंधित क्षेत्र में भूजल पुनर्भरण यानी ग्राउंडवॉटर रिचार्ज की योजना तैयार करने और उसे लागू करने में किया जाएगा।

भूजल के इस्तेमाल पर NGT की सख्ती

रायपुर स्टेडियम में क्रिकेट मैदान के रखरखाव और सिंचाई के लिए बड़ी मात्रा में भूजल के इस्तेमाल को लेकर NGT ने चिंता जताई है। सुनवाई के दौरान सामने आया कि स्टेडियम में मैदान की देखरेख के लिए प्रतिदिन करीब 828 किलोलीटर यानी लगभग 8.28 लाख लीटर भूजल का इस्तेमाल किया जा रहा है।

NGT ने भूजल को महत्वपूर्ण प्राकृतिक संसाधन बताते हुए इसके इस्तेमाल को तर्कसंगत और जरूरत के मुताबिक करने पर जोर दिया। अधिकरण ने साफ किया कि खेल गतिविधियों के लिए पानी की जरूरत को पूरा करते समय भूजल पर निर्भरता को कम करने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए।

150 किलोलीटर क्षमता का STP मौजूद

सुनवाई के दौरान स्टेडियम में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट यानी STP होने की जानकारी भी सामने आई। स्टेडियम में प्रतिदिन 150 किलोलीटर क्षमता वाला STP लगाया गया है। हालांकि, सुनवाई के दौरान यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाया कि STP से रोजाना कितना उपचारित पानी तैयार हो रहा है और उसमें से कितनी मात्रा का इस्तेमाल क्रिकेट मैदान के रखरखाव में किया जा रहा है।

केंद्रीय भूजल प्राधिकरण की ओर से भी बताया गया कि स्टेडियम में अभी मुख्य रूप से भूजल का इस्तेमाल किया जा रहा है। मैदान की सिंचाई और रखरखाव में STP से उपचारित पानी के इस्तेमाल को पूरी तरह लागू नहीं किया गया है।

उपचारित पानी के इस्तेमाल पर जोर

NGT ने स्टेडियम प्रबंधन को निर्देश दिया है कि मैदान के रखरखाव में भूजल के इस्तेमाल को कम किया जाए और जहां संभव हो, STP से उपचारित पानी का इस्तेमाल किया जाए। इसके लिए प्रबंधन को हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके साथ ही अधिकरण ने वर्षाजल संचयन और भूजल पुनर्भरण जैसे उपायों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया है। आने वाली सुनवाई में स्टेडियम प्रबंधन को इन निर्देशों के पालन को लेकर अनुपालन रिपोर्ट भी पेश करनी होगी।

पहले खेल गतिविधियों पर लग चुकी थी रोक

रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम को लेकर NGT पहले भी सख्त रुख अपना चुका है। 2 जुलाई 2026 को अधिकरण ने रायपुर समेत तीन स्टेडियमों में अगली सुनवाई तक खेल गतिविधियों के आयोजन पर रोक लगा दी थी।

इस आदेश में रायपुर स्टेडियम के अलावा राजस्थान के जयपुर स्थित सवाई मानसिंह स्टेडियम और मुंबई के डॉ. डीवाई पाटिल स्टेडियम को भी शामिल किया गया था। संबंधित स्टेडियमों से अनुपालन रिपोर्ट नहीं मिलने के कारण NGT ने मामले को गंभीरता से लिया था।

इस आदेश के बाद रायपुर में प्रस्तावित महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के आयोजन पर भी अनिश्चितता बन गई थी। लेकिन अब 6 अक्टूबर को हुई सुनवाई के बाद स्थिति बदल गई है।

16, 18 और 20 अक्टूबर को होंगे महिला मैच

6 अक्टूबर को हुई सुनवाई में रायपुर स्टेडियम की ओर से NGT को बताया गया कि 16, 18 और 20 अक्टूबर को यहां महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच प्रस्तावित हैं। इन मैचों के लिए क्रिकेट मैदान के इस्तेमाल की अनुमति मांगी गई थी।

मामले की परिस्थितियों को देखते हुए NGT ने अपने पहले के अंतरिम आदेश में संशोधन करते हुए इन तीन तारीखों पर क्रिकेट मैदान के इस्तेमाल की अनुमति दे दी। हालांकि, यह अनुमति सशर्त है। यानी मैच आयोजित किए जा सकेंगे, लेकिन स्टेडियम प्रबंधन को NGT की ओर से तय पर्यावरण संबंधी शर्तों का पालन करना होगा।

20 लाख रुपए होंगे जमा

NGT की अनुमति के तहत स्टेडियम प्रबंधन को 20 लाख रुपए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के पास जमा कराने होंगे। इस राशि का इस्तेमाल भूजल पुनर्भरण से जुड़ी योजना तैयार करने और उसे लागू करने के लिए किया जाएगा।

अधिकरण ने यह भी निर्देश दिया है कि इस योजना से संबंधित जानकारी अगली सुनवाई से पहले NGT के समक्ष प्रस्तुत की जाए। इससे साफ है कि मैचों की अनुमति के साथ पर्यावरण संरक्षण और भूजल प्रबंधन को भी प्राथमिकता दी गई है।

देश के दूसरे स्टेडियमों के लिए भी अहम निर्देश

क्रिकेट स्टेडियमों में मैदान की सिंचाई और रखरखाव के लिए भूजल अथवा ताजे पानी के इस्तेमाल को लेकर NGT पहले भी दिशा-निर्देश जारी कर चुका है। अधिकरण ने जहां संभव हो, उच्च गुणवत्ता वाले STP उपचारित पानी का इस्तेमाल करने पर जोर दिया है।

इसके अलावा स्टेडियमों में वर्षाजल संचयन, पानी के भंडारण और भूजल पुनर्भरण की व्यवस्था मजबूत करने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य खेल मैदानों की पानी की जरूरत को पूरा करते हुए भूजल पर दबाव कम करना है।

9 दिसंबर को होगी अगली सुनवाई

मामले की अगली सुनवाई 9 दिसंबर 2026 को होगी। तब तक रायपुर स्टेडियम प्रबंधन को मैदान के रखरखाव में भूजल की जगह STP से उपचारित पानी के इस्तेमाल को लेकर किए गए प्रयासों की जानकारी NGT के सामने रखनी होगी।

फिलहाल NGT की सशर्त अनुमति के बाद रायपुर में 16, 18 और 20 अक्टूबर को होने वाले महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों का रास्ता साफ हो गया है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह बड़ी राहत है, लेकिन इसके साथ ही स्टेडियम प्रबंधन के सामने भूजल की खपत कम करने, उपचारित पानी के इस्तेमाल को बढ़ाने और भूजल पुनर्भरण की व्यवस्था मजबूत करने की चुनौती भी बनी रहेगी।

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Shruti Jangde

With over 6 years of experience in the media industry, I specialize in news anchoring, copywriting, and digital journalism. I cover a wide range of news, delivering accurate, unbiased, and fact-based reporting. Passionate about bringing the truth to the public, I am committed to ethical journalism and credible storytelling. My goal is to inform, inspire, and make a meaningful impact through responsible reporting.

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