NDIA ब्लॉक के मार्च से पहले सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा बढ़ी, दिल्ली में 30 हजार से ज्यादा जवान तैनात
‘वोट चोरी’ के आरोप पर CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन; इस्तीफे की मांग, ITO और डीडीयू मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्जन

दिल्ली। कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दलों (INDIA ब्लॉक) का विरोध प्रदर्शन सोमवार, 12 अक्टूबर को दिल्ली में तेज हो गया।
INDIA ब्लॉक के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट और राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। दिल्ली में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 30 हजार से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं।
बाराखंभा रोड, मंडी हाउस, जंतर-मंतर और डीडीयू मार्ग सहित कई इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवान भी तैनात हैं।
विपक्षी दल मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने की तैयारी में हैं। प्रदर्शन से पहले कांग्रेस कार्यकर्ता हिमाचल भवन में जुटे और नारेबाजी की।
इस बीच राजधानी में लगातार तीसरे दिन हाई अलर्ट की स्थिति बनी हुई है। पुलिस प्रशासन प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने और प्रमुख मार्गों पर यातायात नियंत्रित करने के लिए सतर्क है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि यह प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त की कार्यप्रणाली में बार-बार गड़बड़ियां सामने आई हैं। हुड्डा के मुताबिक, बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे हैं और विपक्ष इस मुद्दे पर पीछे हटने वाला नहीं है।
उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक प्रदर्शन जारी रहेगा। विपक्षी दलों का आरोप है कि चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग को जवाब देना चाहिए। इसी मांग को लेकर INDIA ब्लॉक के नेता और कार्यकर्ता एकजुट होकर विरोध दर्ज कराने की तैयारी में हैं।
हालांकि, वोट चोरी और निर्वाचन प्रक्रिया में गड़बड़ी से जुड़े आरोप विपक्षी दलों के दावे हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक तथ्यों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रस्तावित मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने कई प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाई है। बाराखंभा रोड और मंडी हाउस के आसपास पुलिसकर्मियों के साथ RAF और CRPF की तैनाती की गई है। जंतर-मंतर पर भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। सुप्रीम कोर्ट के आसपास अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है, ताकि प्रदर्शन के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
राजधानी में 30 हजार से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की तैनाती की जानकारी दी गई है। सुरक्षा एजेंसियां प्रदर्शनकारियों की आवाजाही, प्रमुख मार्गों और संवेदनशील स्थानों पर नजर रख रही हैं। मार्च के दौरान भीड़ बढ़ने की स्थिति में यातायात और सार्वजनिक आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है।
प्रशासन की प्राथमिकता प्रमुख सरकारी संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा बनाए रखना है। प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग भी की गई है। हालांकि, मार्च के अंतिम स्वरूप और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचने की अनुमति से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध अपडेट में स्पष्ट नहीं है।
कांग्रेस सांसद बोले- भाजपा युवाओं और Gen Z के खिलाफ
INDIA ब्लॉक के प्रस्तावित मार्च और पुलिस की बैरिकेडिंग को लेकर कांग्रेस सांसद गद्दम वामसी कृष्णा ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा देश के युवाओं और Gen Z के हितों के खिलाफ काम कर रही है। उनके मुताबिक, भाजपा पहली बार मतदान करने वाले युवाओं का समर्थन हासिल नहीं कर पा रही है।
कांग्रेस सांसद ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म-6 और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR के जरिए नए मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए और किसी भी पात्र मतदाता का नाम नहीं हटना चाहिए। दूसरी ओर, निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े आरोपों का आकलन संबंधित नियमों, आधिकारिक आंकड़ों और आयोग के पक्ष के आधार पर किया जाना जरूरी है।
ITO और डीडीयू मार्ग पर ट्रैफिक डायवर्जन
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने सोमवार को यातायात व्यवस्था में बदलाव की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ITO और आसपास के इलाकों में प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे। डीडीयू मार्ग पर प्रदर्शन प्रस्तावित होने के कारण इन रास्तों पर जाम की स्थिति बन सकती है।
ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे यात्रा के लिए अतिरिक्त समय रखें, यातायात नियमों का पालन करें और मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों के निर्देशों के अनुसार आगे बढ़ें। प्रदर्शन के दौरान जरूरत के मुताबिक वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जा सकता है।
ITO, मंडी हाउस और डीडीयू मार्ग के आसपास जाने वाले लोगों को निकलने से पहले यातायात की ताजा जानकारी लेने की सलाह दी गई है। सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों को भी अतिरिक्त समय लेकर चलना चाहिए, क्योंकि प्रतिबंधों का असर आसपास के मार्गों पर पड़ सकता है।
वोट चोरी के मुद्दे पर बढ़ा सियासी टकराव
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर INDIA ब्लॉक का प्रदर्शन केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव को और तेज कर सकता है। विपक्षी दल इसे मतदाता अधिकारों और चुनावी पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा बता रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिया है कि वे इस मामले को आगे भी उठाते रहेंगे।
फिलहाल दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और प्रदर्शन के चलते कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित होने की संभावना है। मार्च के दौरान स्थिति कैसी रहती है और विपक्ष की मांगों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर बनी हुई है।



