छत्तीसगढ़ में दो नई यात्री ट्रेन सेवाएं शुरू, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बोले- 100 नई ट्रेनें चलाने की संभावना

रायपुर। छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में मंगलवार को दो नई यात्री ट्रेन सेवाओं की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-7 पर आयोजित कार्यक्रम में रायपुर–रावघाट और रायपुर–कुरूद ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
कार्यक्रम में ताड़ोकी–रावघाट नई रेल लाइन और अभनपुर–कुरूद ब्रॉडगेज रेलखंड का उद्घाटन किया गया। वहीं, रायपुर में ₹133 करोड़ की लागत से बनने वाली इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी का शिलान्यास भी हुआ।
इस मौके पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में 100 नई ट्रेनें शुरू किए जाने की संभावना जताई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी कहा कि आने वाले महीनों में रायपुर से धमतरी तक ट्रेन सेवा शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा। रावघाट तक पहली बार रेल पहुंचने से बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों को राजधानी रायपुर से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव बोले- छत्तीसगढ़ में 100 नई ट्रेनें शुरू करना संभव
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी की मांग लंबे समय से की जा रही थी। अब उन इलाकों को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने का काम किया जा रहा है, जहां पहले रेल सुविधा उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने रावघाट तक पहली बार रेल पहुंचने को इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
वैष्णव ने कहा कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ में 100 नई ट्रेनें शुरू करना संभव हो सकता है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य में रेलवे लाइनों की कमी दूर करने के निर्देश दिए हैं और उन्हीं के अनुरूप काम किया जा रहा है।
रेल मंत्री के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ का रेलवे बजट बढ़कर ₹7,500 करोड़ हो गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में करीब ₹57,000 करोड़ के रेलवे कार्य चल रहे हैं और रेलवे विकास के लिए संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस समय रेलवे के क्षेत्र में पर्याप्त काम नहीं हुआ।
वैष्णव ने रायपुर से धमतरी तक ट्रेन सेवा शुरू करने की दिशा में आने वाले महीनों में काम करने की बात भी कही। इसके अलावा उन्होंने रायपुर से रावघाट और जगदलपुर होते हुए कोल्हापुर के रास्ते विशाखापत्तनम तक रेल संपर्क विकसित करने की प्रस्तावित योजना का जिक्र किया। हालांकि, इस परियोजना के लिए कोई निश्चित समयसीमा घोषित नहीं की गई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- छत्तीसगढ़ के लिए शुभ दिन
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ के लिए शुभ दिन बताते हुए कहा कि रावघाट में खड़ी ट्रेन रायपुर आएगी, जबकि रायपुर से शुरू होने वाली ट्रेन कुरूद जाएगी। दोनों नई यात्री सेवाओं से प्रदेश में रेल संपर्क बढ़ेगा।
साय ने कहा कि आने वाले दिनों में धमतरी तक भी ट्रेन सेवा शुरू होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताते हुए कहा कि राज्य में रेलवे विकास से जुड़े कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ को रेलवे के लिए लगभग ₹300 करोड़ का बजट मिलता था, जो अब बढ़कर ₹7,500 करोड़ हो गया है। उन्होंने राजनांदगांव, अंबिकापुर, बरवाडीह और रावघाट से जगदलपुर तक रेल संपर्क से जुड़ी स्वीकृतियों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, आठ रेलवे स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं।
साय ने जशपुर जिले को धरमजयगढ़ से रेल संपर्क के जरिए जोड़ने की मांग का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने रेल मंत्री से आग्रह किया था और इस मांग पर विचार किए जाने के लिए वैष्णव का आभार जताया।
ताड़ोकी–रावघाट रेलखंड का उद्घाटन, परियोजना पर खर्च हुए ₹1,628 करोड़
दल्लीराजहरा–रावघाट रेल लाइन परियोजना की कुल लंबाई 95 किलोमीटर है और इसकी लागत ₹1,628 करोड़ बताई गई है। इसी परियोजना के तहत ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर लंबा रेलखंड तैयार किया गया है।
इस रेलखंड के शुरू होने से रावघाट तक यात्री रेल संपर्क पहुंच गया है। इससे बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरस्थ इलाकों में रहने वाले लोगों को राजधानी रायपुर तक आने-जाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
रेल लाइन से माल परिवहन को भी लाभ मिल सकता है। रावघाट क्षेत्र से लौह अयस्क को भिलाई स्टील प्लांट तक पहुंचाना आसान होगा, जिससे औद्योगिक गतिविधियों और परिवहन व्यवस्था को मदद मिलने की संभावना है।
अभनपुर–कुरूद ब्रॉडगेज लाइन से यात्रियों को मिलेगी सुविधा
अभनपुर–कुरूद रेलखंड ₹306 करोड़ की लागत वाली 67 किलोमीटर लंबी केंद्री–धमतरी और अभनपुर–राजिम आमान परिवर्तन परियोजना का हिस्सा है। इस परियोजना के तहत केंद्री–अभनपुर–राजिम खंड का काम पहले ही पूरा हो चुका है और वहां यात्री रेल सेवा शुरू की जा चुकी है।
अब अभनपुर से कुरूद के बीच 22 किलोमीटर लंबे रेलखंड का आमान परिवर्तन पूरा कर लिया गया है। रायपुर–कुरूद ट्रेन सेवा शुरू होने से धमतरी क्षेत्र के विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को राजधानी तक पहुंचने का अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।
बेहतर रेल संपर्क से कृषि उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने और स्थानीय कारोबार को बढ़ावा देने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
रायपुर में ₹133 करोड़ से बनेगी इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी
रायपुर स्थित डीजल लोको शेड में ₹133 करोड़ की लागत से इलेक्ट्रिक रेल इंजन मेंटेनेंस फैसिलिटी विकसित की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान इसका शिलान्यास किया गया। सुविधा तैयार होने के बाद यहां 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता उपलब्ध होगी।
इससे इंजनों की उपलब्धता बेहतर करने और रेल परिचालन को अधिक भरोसेमंद बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक इंजनों के नियमित रखरखाव की क्षमता बढ़ने से परिचालन संबंधी समस्याओं को दूर करने में भी सहायता मिल सकती है।
रायपुर डीजल लोको शेड की आधारशिला फरवरी 1993 में रखी गई थी। मई 1995 में यहां 10 डीजल इंजनों के साथ संचालन शुरू हुआ। मार्च 2008 में इंजनों की संख्या 100 और मई 2018 में 200 तक पहुंच गई। अक्टूबर 2020 में शेड में पहले इलेक्ट्रिक इंजन का IA शेड्यूल भी पूरा किया गया था।
धमतरी और दूसरे इलाकों तक रेल संपर्क बढ़ाने की योजना
रेल मंत्री और मुख्यमंत्री के बयानों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क के विस्तार को लेकर आगे भी योजनाएं हैं। रायपुर से धमतरी तक ट्रेन सेवा शुरू करने की बात कही गई है। इसके अलावा रायपुर से रावघाट और जगदलपुर होते हुए विशाखापत्तनम तक रेल संपर्क विकसित करने की योजना का भी उल्लेख हुआ।
हालांकि, इन प्रस्तावों के लिए अभी निश्चित समयसीमा और विस्तृत परिचालन कार्यक्रम सामने नहीं आया है। इसी तरह 100 नई ट्रेनें शुरू करने की बात भी रेल मंत्री ने भविष्य की संभावना के रूप में कही है।
नई सेवाओं से रायपुर, बालोद, कांकेर और धमतरी क्षेत्र के यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। वहीं, रावघाट तक रेल पहुंचने से दूरस्थ इलाकों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार से जुड़ी सुविधाओं तक पहुंच बेहतर हो सकती है।
कार्यक्रम में ये जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
रायपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-7 पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ सांसद बृजमोहन अग्रवाल, सांसद रूप कुमारी चौधरी, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा और विधायक राजेश मूणत मौजूद रहे। विधायक पुरंदर मिश्रा और मोतीलाल साहू सहित रेलवे विभाग के कई अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।



