भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बड़ा अपडेट, जयशंकर से मुलाकात के बाद बोले मार्को रुबियो- समझौते के बेहद करीब

मुंबई। भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते (ट्रेड डील) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को मुंबई में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के बाद कहा कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। उन्होंने संकेत दिया कि डील से जुड़े कुछ मुद्दों को सुलझाना बाकी है और जल्द ही इस संबंध में अच्छी खबर मिल सकती है।
जयशंकर और रुबियो के बीच किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
भारत के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे मार्को रुबियो ने एस. जयशंकर के साथ बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार, निवेश और रक्षा सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की जरूरत पर जोर दिया।
रुबियो ने भारत को अमेरिका का महत्वपूर्ण व्यापारिक और रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में भी व्यापक सहयोग है। उन्होंने भारत की क्वाड में भूमिका का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय मुलाकातों को और बढ़ाने की जरूरत भी बताई।
ट्रेड डील पर क्या बोले मार्को रुबियो?
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर रुबियो ने कहा कि दोनों देश इसके बेहद करीब हैं। समझौते को अंतिम रूप देने के लिए कुछ ही मुद्दे बाकी हैं, जिन्हें जल्द सुलझाने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी विदेश विभाग सीधे तौर पर व्यापार समझौतों पर बातचीत नहीं करता, लेकिन इस प्रक्रिया में उसकी सक्रिय भूमिका है। रुबियो ने उम्मीद जताई कि जल्द ही समझौते को लेकर अच्छी खबर सामने आएगी और इसके बाद हस्ताक्षर की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
ऊर्जा सहयोग पर भी हुई बात
बैठक के दौरान भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग पर भी चर्चा हुई। रुबियो ने भारत की कच्चे तेल को रिफाइन करने की क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि वेनेजुएला से तेल की उपलब्धता बढ़ने पर भारत वैश्विक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि तेल से जुड़े कुछ प्रतिबंध और अन्य बाधाएं इस सहयोग में चुनौती बन सकती हैं, जिन्हें दोनों देशों को मिलकर सुलझाना होगा।
भारत-अमेरिका संबंधों के लिए क्यों अहम है यह मुलाकात?
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर लंबे समय से बातचीत जारी है। टैरिफ, ऊर्जा आयात और व्यापार से जुड़े मतभेदों के कारण वार्ता में चुनौतियां आई हैं। ऐसे में रुबियो और जयशंकर की मुलाकात को दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
फिलहाल, व्यापार समझौते पर अंतिम सहमति और हस्ताक्षर की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। रुबियो के बयान से बातचीत में प्रगति के संकेत मिले हैं, लेकिन समझौते की शर्तें और अंतिम तारीख स्पष्ट होने के बाद ही इसकी पूरी तस्वीर सामने आएगी।



