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Chhattisgarh

चार महीने में 5 बैगा बच्चों की मौत से हड़कंप, कांग्रेस ने बनाई जांच समिति

कवर्धा के नंदनी कुमान गांव पहुंचेगी 7 सदस्यीय टीम, परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों से चर्चा कर प्रदेश कांग्रेस को सौंपेगी रिपोर्ट; 16 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराने की भी जानकारी

कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में बैगा आदिवासी बाहुल्य गांव नंदनी कुमान में चार महीने के भीतर पांच बच्चों की मौत का मामला गंभीर होता जा रहा है। एक ही गांव में लगातार बच्चों की मौत और करीब 16 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराने की जानकारी सामने आने के बाद चिंता बढ़ गई है।

बच्चों की मौत के वास्तविक कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। ग्रामीणों ने किसी अज्ञात बीमारी की आशंका जताई है। इस बीच मामला सियासी तूल पकड़ने लगा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पूरे मामले की पड़ताल के लिए सात सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति प्रभावित गांव का दौरा कर हालात की जानकारी जुटाएगी और अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।

कांग्रेस ने समिति को जल्द गांव पहुंचकर मामले की वास्तविक स्थिति का पता लगाने के निर्देश दिए हैं। टीम मृत बच्चों के परिजनों से मुलाकात करेगी। साथ ही ग्रामीणों और स्वास्थ्यकर्मियों से चर्चा कर यह जानने की कोशिश करेगी कि बच्चों की मौत किन परिस्थितियों में हुई। गांव में बच्चों के बीमार पड़ने, उन्हें अस्पताल ले जाने और इलाज के दौरान सामने आई परिस्थितियों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जाएगी। जांच के बाद समिति अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी को सौंपेगी।

इंद्रशाह मंडावी को बनाया समिति का संयोजक

प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी पत्र के मुताबिक, मोहला-मानपुर विधायक इंद्रशाह मंडावी को सात सदस्यीय जांच समिति का संयोजक बनाया गया है। समिति में विधायक सावित्री मंडावी, जनक ध्रुव और हर्षिता स्वामी बघेल को शामिल किया गया है। इनके अलावा पूर्व विधायक भानूप्रताप सिंह, ममता चंद्राकर और कवर्धा जिला कांग्रेस अध्यक्ष नवीन जायसवाल भी समिति के सदस्य होंगे।

समिति के सामने गांव में बच्चों की मौत से जुड़े तथ्यों को जुटाने की जिम्मेदारी होगी। इसके लिए टीम प्रभावित परिवारों से बातचीत करेगी और ग्रामीणों से बच्चों की बीमारी तथा स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी जानकारी लेगी। स्वास्थ्यकर्मियों से चर्चा के जरिए यह समझने का प्रयास भी किया जाएगा कि बीमार बच्चों को किस तरह का उपचार दिया गया और मामले में अब तक क्या जानकारी सामने आई है।

रेंगाखार वनांचल के गांव में सामने आया मामला

यह मामला कबीरधाम जिले के रेंगाखार वनांचल क्षेत्र के ग्राम नंदनी कुमान का है। बैगा आदिवासी बाहुल्य इस गांव में पिछले कुछ महीनों के दौरान पांच बच्चों की मौत हुई है। करीब चार महीने के भीतर हुई इन मौतों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। इसके साथ ही गांव के करीब 16 बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला में भर्ती कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

एक ही गांव में कई बच्चों के बीमार पड़ने और पांच बच्चों की मौत की खबर सामने आने के बाद बीमारी की आशंका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों ने किसी अज्ञात बीमारी की आशंका जताई है, लेकिन अब तक मौतों के कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में यह स्पष्ट होना बाकी है कि बच्चों की मौत किसी संक्रामक बीमारी, दूसरी स्वास्थ्य समस्या या अन्य कारणों से हुई है।

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मौतों की वजह जानने के लिए जांच जरूरी

बच्चों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए चिकित्सकीय जानकारी और जांच के निष्कर्ष अहम होंगे। केवल ग्रामीणों की आशंका के आधार पर किसी बीमारी को मौतों की वजह नहीं माना जा सकता। वास्तविक कारणों की पुष्टि संबंधित स्वास्थ्य विभाग की जांच, इलाज से जुड़े रिकॉर्ड और चिकित्सकीय आकलन के आधार पर ही हो सकेगी।

कांग्रेस की सात सदस्यीय समिति गांव पहुंचकर परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत करेगी। इसके साथ स्वास्थ्यकर्मियों से मिली जानकारी के आधार पर मामले की स्थिति समझने का प्रयास करेगी। समिति की रिपोर्ट से यह सामने आ सकेगा कि जांच के दौरान कौन-कौन से तथ्य मिले और बच्चों की मौत के मामले में किन पहलुओं पर ध्यान देने की जरूरत है।

फिलहाल नंदनी कुमान गांव में पांच बच्चों की मौत के कारण स्पष्ट नहीं हैं। अब सबकी नजर कांग्रेस की जांच समिति के दौरे और स्वास्थ्य विभाग से मिलने वाली आधिकारिक जानकारी पर है। मौतों की वजह सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि गांव में बच्चों की जान किन परिस्थितियों में गई और आगे किस तरह के कदम उठाने की जरूरत है।

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