BSP के निजीकरण के आरोप पर सियासत तेज, भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के घर के सामने धरना देंगे विधायक रिकेश सेन

रायपुर। छत्तीसगढ़ के भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के निजीकरण को लेकर प्रदेश में सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्र सरकार पर BSP के निजीकरण की आशंका जताते हुए सवाल उठाए हैं। अब रिसाली से भाजपा विधायक रिकेश सेन ने इस मुद्दे पर पलटवार किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए भूपेश बघेल और कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव के निवास के सामने धरना देने का ऐलान किया है।
रिकेश सेन ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा?
भाजपा विधायक रिकेश सेन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा, “भूपेश बघेल और देवेंद्र यादव के निवास के सामने धरना जल्द दूंगा, आपने अफवाह उड़ाया कि भिलाई इस्पात संयंत्र बिक रहा है।”
हालांकि, विधायक ने अभी तक धरने की तारीख और समय की घोषणा नहीं की है। उन्होंने केवल जल्द प्रदर्शन करने की बात कही है।
भूपेश बघेल ने BSP के निजीकरण की जताई आशंका
भिलाई स्टील प्लांट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा किया था। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें जानकारी मिली है कि एक उद्योगपति भिलाई इस्पात संयंत्र का दौरा करने आने वाले हैं।
बघेल ने इस घटनाक्रम को BSP के संभावित निजीकरण की आशंका से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि भिलाई इस्पात संयंत्र छत्तीसगढ़ की आत्मा है और प्रदेशवासी इसे किसी भी सूरत में बिकने नहीं देंगे। उन्होंने भाजपा नेताओं से भी इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करने की बात कही थी।
दीपक बैज ने सरकार से मांगा जवाब
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी भूपेश बघेल के बयान का समर्थन करते हुए सवाल उठाया था कि क्या सरकार इस बात की गारंटी देगी कि भिलाई स्टील प्लांट और NMDC को नहीं बेचा जाएगा। उन्होंने BSP के भविष्य को लेकर आशंका जताते हुए सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी।
निजीकरण के मुद्दे पर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
कांग्रेस नेताओं के आरोपों के बाद भाजपा विधायक रिकेश सेन ने धरने का ऐलान कर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि विधायक धरने की तारीख और समय कब घोषित करते हैं।
फिलहाल, BSP के निजीकरण को लेकर कांग्रेस की आशंकाओं और भाजपा विधायक के पलटवार के बीच राजनीतिक बयानबाजी जारी है।



