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कोलकाता दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़, 19 की मौत; आयोजकों समेत 7 गिरफ्तार

दिल्ली। कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल (Durga Puja pandal) में शनिवार रात मची भगदड़ ने उत्सव को मातम में बदल दिया। हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में 13 महिलाएं शामिल हैं। घायलों में तीन मरीज ICU में भर्ती हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई गई है। पुलिस ने मामले में आयोजकों समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, 14 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। मामले में गिरिश पार्क थाने में FIR दर्ज की गई है।

हादसे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह रविवार सुबह घायलों से मिलने निजी अस्पताल पहुंचे। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी उनके साथ मौजूद रहे। शाह ने डॉक्टरों से घायलों के उपचार की जानकारी ली। घटना के बाद उन्होंने दुर्गा पूजा पंडालों में जाने के अपने निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए। राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के मौजूदा जज की अगुवाई में विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की घोषणा की है।

बारिश, अंधेरा और संकरी गलियां बनीं हादसे की वजह

चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार शाम बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए पहुंचे थे। रात करीब 7:40 बजे बारिश शुरू होने के बाद लोग तेजी से पंडाल के भीतर जाने लगे। बताया गया कि एक समय में सीमित संख्या में लोगों को प्रवेश देने की व्यवस्था थी, लेकिन भीड़ बढ़ने से हालात बिगड़ गए।

पंडाल (Durga Puja pandal) के अंदर अंधेरा था और आने-जाने के रास्ते संकरे थे। प्रवेश और निकास के लिए एक-एक रास्ता बनाया गया था, जो संकरी गलियों में खुलता था। भीड़ के दबाव से निकास द्वार का एक हिस्सा गिर गया। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने लोगों को बाहर निकलने के लिए अनाउंसमेंट किया। इसी दौरान भगदड़ मच गई और लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे।

हादसे के बाद पंडाल के अंदर जूते-चप्पल, पर्स और दूसरे सामान बिखरे पड़े थे। कई लोग जमीन पर बेसुध मिले। स्थानीय लोगों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। कुछ घायलों को स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं होने पर हाथों से उठाकर ले जाना पड़ा। पुलिस ने बाद में पंडाल को सील कर दिया और दर्शन पर रोक लगा दी।

मृतकों में 12वीं की छात्रा और नर्स भी शामिल

इस हादसे में जान गंवाने वालों में नॉर्थ 24 परगना जिले की 12वीं की छात्रा प्रिया सामद्दार और हुगली जिले की एक नर्स भी शामिल हैं। प्रिया उत्तर जोगेंद्रनगर की रहने वाली थीं और दोस्तों के साथ दुर्गा पूजा पंडाल घूमने कोलकाता आई थीं। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

घायलों में से 14 का इलाज शहर के एक निजी अस्पताल में किया जा रहा है। इनमें तीन मरीज ICU में हैं। पश्चिम बंगाल क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट रेगुलेटरी कमीशन के अध्यक्ष विश्वजीत बसु के मुताबिक, ICU में भर्ती एक मरीज के शरीर में एसिड की मात्रा बढ़ने यानी एसिडोसिस की समस्या है। डॉक्टरों का मानना है कि लंबे समय तक भीड़ में दबे रहने से मांसपेशियों को नुकसान पहुंचने के कारण यह स्थिति बन सकती है। बाकी दो ICU मरीजों की हालत में सुधार बताया गया है। जनरल वार्ड में भर्ती 11 मरीजों की स्थिति भी स्थिर है।

आयोजकों के खिलाफ FIR, हाईकोर्ट के जज की अगुवाई में जांच

कोलकाता पुलिस ने गिरिश पार्क थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105, 110 और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, आयोजकों और अन्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। शुरुआती कार्रवाई में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 14 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने हादसे की जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के मौजूदा जज की अगुवाई में SIT बनाने की घोषणा की है। इसमें स्पेशल टास्क फोर्स (STF), क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) और अन्य विभागों के अधिकारी शामिल होंगे। सरकार हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से जांच की अगुवाई के लिए जज नामित करने का अनुरोध करेगी। हादसे के समय की CCTV फुटेज की भी जांच की जाएगी, ताकि भीड़ बढ़ने, निकास मार्ग बाधित होने और सुरक्षा इंतजामों में संभावित चूक की जानकारी मिल सके।

मृतकों के परिवार को 25 लाख और सरकारी नौकरी

राज्य सरकार (Durga Puja pandal) ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 25 लाख रुपए मुआवजा देने की घोषणा की है। इसके अलावा, परिवार के एक सदस्य को ग्रुप-D की सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया गया है। घायलों को पांच-पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता मिलेगी और उनके इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी।

चोरबागान का दुर्गा पूजा पंडाल 1935 से लगाया जा रहा है। इस साल कलाकार सुशांत शिबानी पाल ने इसे ‘ऑर्ब’ यानी ‘बियॉन्ड साउंड’ थीम पर तैयार किया था। इसकी कलात्मक सजावट देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे थे। हादसे से दो दिन पहले ही पंडाल को पश्चिम बंगाल सरकार के ‘देवी दुर्गा सम्मान 2026’ में ‘बेस्ट ऑफ बेस्ट’ श्रेणी के लिए चुना गया था। अब घटना के बाद पूजा अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई है।

इस हादसे ने बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षित निकास मार्ग, पर्याप्त रोशनी और आपातकालीन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। SIT की जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि आयोजन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं और भगदड़ रोकने के लिए समय पर जरूरी कदम क्यों नहीं उठाए जा सके।

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