न्यायधानी को बी-ग्रेड सिटी बनाने की जरूरत, पूर्व विधायक ने बताईं प्राथमिकताएं

बिलासपुर। जिले में जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान, निर्बाध बिजली आपूर्ति और शहर के विकास के लिए केंद्र से अधिक वित्तीय सहायता लाना जरूरी है।
यह बात बिलासपुर के पूर्व MLA शैलेष पांडेय ने रविवार को बिलासपुर प्रेस क्लब के पारंपरिक कार्यक्रम ‘हमर पहुना’ में कही। उन्होंने शहर की बुनियादी समस्याओं, एयरपोर्ट विस्तार, अरपा नदी संरक्षण, शिक्षा और बिजली व्यवस्था समेत कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।
पूर्व MLA पांडेय ने कहा कि शहर के विकास के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करने और जरूरी संसाधन जुटाने की आवश्यकता है। अगर जनता ने उन्हें दोबारा विधायक बनने का अवसर दिया, तो वे शहर की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके लिए पद से ज्यादा काम महत्वपूर्ण है। चुनाव में जीत-हार राजनीति का हिस्सा है, लेकिन जनता के प्रति जिम्मेदारी हमेशा बनी रहती है।
10 किलोवाट का सोलर सिस्टम, फिर भी 9-10 हजार का बिल
बिजली संकट पर सवाल उठाते हुए पांडेय ने अपने घर का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि उनके घर में 10 किलोवाट का सोलर सिस्टम लगा है, इसके बावजूद हर महीने करीब 9 से 10 हजार रुपए का बिजली बिल आता है। उन्होंने सौर ऊर्जा उपभोक्ताओं को उचित लाभ देने, बिजली व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और बार-बार बिजली गुल होने की समस्या दूर करने की जरूरत बताई।
शिक्षा और शहर के विकास पर भी रखी बात
पूर्व MLA ने नगर निगम सीमा विस्तार और बिलासपुर को बी-ग्रेड सिटी का दर्जा दिलाने की जरूरत पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना जरूरी है।
इस दौरान उन्होंने कोरोना काल में जरूरतमंदों की मदद, युवाओं में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति और तकनीक के जरिए सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयासों का भी जिक्र किया। कार्यक्रम में प्रेस क्लब अध्यक्ष अजीत मिश्रा, उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी सहित वरिष्ठ पत्रकार और प्रेस क्लब के सदस्य मौजूद रहे।



