बिलासपुर में दशहरा आयोजन पर सियासी संग्राम, ₹24 लाख के खर्च पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

बिलासपुर। बिलासपुर के सरकंडा स्थित साइंस कॉलेज मैदान में दशहरा आयोजन को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेताओं ने आयोजन की व्यवस्था, कथित राजनीतिक हस्तक्षेप और खर्च को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता विजय केशरवानी, प्रदेश महिला कांग्रेस महासचिव शिल्पी तिवारी और जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने मामले की जांच कराने की मांग की है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा विधायकों के बीच आपसी खींचतान के कारण वर्षों से दशहरा आयोजन करती आ रही पुरानी समिति को इस बार आयोजन से दूर रखा गया है। उन्होंने आयोजन पर बताए जा रहे ₹24 लाख के खर्च का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग भी की। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
विजय केशरवानी बोले- राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का माध्यम न बनें त्योहार
कांग्रेस नेता विजय केशरवानी ने दशहरा आयोजन को लेकर चल रहे विवाद को विधायकों के बीच आपसी खींचतान का नतीजा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम के माध्यम से पुलिस ग्राउंड में रावण दहन की व्यवस्था की गई, जबकि सरकंडा के साइंस कॉलेज मैदान में दूसरी समिति के आयोजन को लेकर विवाद खड़ा हो गया।
केशरवानी ने दावा किया कि भाजपा विधायकों की आपसी प्रतिद्वंद्विता का खामियाजा आम जनता और सांस्कृतिक मंचों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि बिलासपुर हमेशा से सद्भाव और भाईचारे के लिए जाना जाता रहा है। ऐसे में त्योहारों को राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।
शिल्पी तिवारी ने पुरानी समिति को आयोजन देने की मांग की
प्रदेश महिला कांग्रेस महासचिव शिल्पी तिवारी ने कहा कि अरपांचल लोक मंच पिछले कई वर्षों से सरकंडा क्षेत्र में शांतिपूर्ण तरीके से दशहरा और रावण दहन का आयोजन करता आ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले साल से आयोजन की व्यवस्था में बदलाव हुआ और पुरानी समिति से कार्यक्रम लेकर दूसरी समिति को दे दिया गया। तिवारी ने बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला की भूमिका पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि अरपांचल लोक मंच से आयोजन का अवसर छीन लिया गया।
उन्होंने कहा कि शहर के नागरिकों और स्थानीय समितियों को अपनी परंपरा के अनुसार कार्यक्रम आयोजित करने का अधिकार मिलना चाहिए। शिल्पी तिवारी ने पुरानी समिति को दोबारा दशहरा आयोजन का अवसर देने की मांग की।
सिद्धांशु मिश्रा ने ₹24 लाख के खर्च का हिसाब मांगा
जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने कहा कि अरपांचल लोक मंच पिछले छह वर्षों से साइंस कॉलेज मैदान में दशहरा उत्सव आयोजित करता आ रहा है।
मिश्रा के मुताबिक, पिछले साल दूसरी समिति को आयोजन की अनुमति दिए जाने के बाद प्रशासन ने भरोसा दिलाया था कि आगे भी पुरानी समिति को कार्यक्रम आयोजित करने का अवसर मिलेगा। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि इस बार नगर निगम की भूमिका सामने आने के बाद विवाद फिर खड़ा हो गया।
मिश्रा ने सवाल उठाया कि जब एक समिति वर्षों से दशहरा उत्सव आयोजित करती आ रही है, तो बीच में नगर निगम को लाने की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने आयोजन पर ₹24 लाख खर्च होने की बात का उल्लेख करते हुए पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि सड़क और नाली निर्माण का काम करने वाले सिविल कांट्रैक्टर को रावण निर्माण, आतिशबाजी और टेंट की व्यवस्था का टेंडर किस आधार पर दिया गया।
कांग्रेस ने जांच की मांग की
सिद्धांशु मिश्रा ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने आयोजन के खर्च, टेंडर प्रक्रिया और कथित राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर पारदर्शिता बरतने की मांग की है।
फिलहाल, खर्च में गड़बड़ी और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने के लिए संबंधित दस्तावेजों, टेंडर प्रक्रिया और आयोजन के खर्च का विवरण सामने आना जरूरी है।



