राजकुमार भाटी के धर्म परिवर्तन की खबरों पर विवाद, सपा प्रवक्ता ने बताई वायरल वीडियो की सच्चाई

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजकुमार भाटी के धर्म परिवर्तन को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। दावा किया जा रहा था कि उन्होंने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया है। हालांकि, राजकुमार भाटी ने इन दावों को गलत बताते हुए सफाई दी है। उन्होंने कहा कि वह सभी धर्मों का सम्मान करते हैं और धर्म परिवर्तन करने का न तो उनका कोई इरादा है और न ही इसकी कोई आवश्यकता है।
अंबेडकर भवन के कार्यक्रम में हुए थे शामिल
राजकुमार भाटी ने बताया कि 20 अक्टूबर को वह दिल्ली के रानी झांसी मार्ग स्थित अंबेडकर भवन में भारतीय बौद्ध महासभा की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इस कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पर उनके धर्म परिवर्तन को लेकर दावे किए जाने लगे।
भाटी ने कहा कि एक सच्चे समाजवादी के तौर पर वह प्रत्येक धर्म, जाति, वर्ग और समुदाय का सम्मान करते हैं। उन्होंने बताया कि सिख समुदाय के निमंत्रण पर गुरुद्वारे जाते हैं, मुस्लिम समुदाय के कार्यक्रमों में शामिल होते हैं और हिंदू धर्म के त्योहारों में भी हिस्सा लेते हैं।
गौतम बुद्ध और बाबा साहेब के विचारों से प्रभावित
राजकुमार भाटी ने कहा कि बौद्ध धर्म और गौतम बुद्ध की शिक्षाओं के प्रति उनका विशेष आकर्षण है। इसके साथ ही बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों का भी उन पर गहरा प्रभाव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन विचारों का समर्थन करने के लिए धर्म परिवर्तन करना जरूरी नहीं है।
उनके मुताबिक, किसी भी धर्म में रहकर मानवता की सेवा की जा सकती है। समाज में फैले भेदभाव, छुआछूत, घृणा, अंधविश्वास और पाखंड के खिलाफ आवाज उठाना ही महत्वपूर्ण है।
भाजपा आईटी सेल पर लगाया दुष्प्रचार का आरोप
सपा प्रवक्ता ने अपने बयान में भाजपा आईटी सेल और कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े लोगों पर उनके खिलाफ दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में शामिल होने के बाद सोशल मीडिया पर यह गलत दावा फैलाया गया कि उन्होंने हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध धर्म अपना लिया है।
राजकुमार भाटी ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों के आधार पर गलतफहमी न पालें। उन्होंने अपने संदेश के अंत में ‘जय भीम’ और ‘नमो बुद्धाय’ के साथ अपनी बात समाप्त की।



