पुलिस स्मृति दिवस पर CM साय बोले- शहीदों का बलिदान देश की एकता और सुरक्षा की प्रेरणा
माना में शहीद पुलिसकर्मियों को दी श्रद्धांजलि, कहा- यह दिन केवल स्मरण का नहीं, सेवा परंपरा को आगे बढ़ाने के संकल्प का भी है

रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद (martyred) जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की एकता, अखंडता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों का समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा।
यह दिन केवल शहीदों को याद करने का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और राष्ट्रसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का भी दिन है। मुख्यमंत्री ने यह बात रायपुर के माना स्थित चौथी वाहिनी परिसर में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस के जवान विषम परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और समाज में शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए वे हर समय तत्पर रहते हैं। ड्यूटी के दौरान अनेक जवानों को कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद वे अपने दायित्वों से पीछे नहीं हटते। उनका साहस, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।
नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में जवानों का योगदान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए इस वर्ष का पुलिस स्मृति दिवस (martyred) विशेष महत्व रखता है। प्रदेश ने दशकों तक नक्सलवाद की हिंसा और भय का सामना किया है। इस चुनौती से निपटने में सुरक्षा बलों के जवानों ने साहस और पराक्रम का परिचय दिया। उनके संघर्ष और सर्वोच्च बलिदान से प्रदेश में शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं।
उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ अभियान में अनेक जवानों ने अपनी जान गंवाई। इन शहीदों का योगदान केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने प्रदेश के लोगों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के लिए भी संघर्ष किया। उनके बलिदान को याद करना और उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करना समाज की जिम्मेदारी है।
साय ने कहा कि शहीद जवानों के आदर्श आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे। सुरक्षा बलों की प्रतिबद्धता और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से प्रदेश में शांति स्थापित करने के प्रयासों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
कर्तव्य और समर्पण की परंपरा को आगे बढ़ाने का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस का महत्व केवल अतीत की घटनाओं को याद करने तक सीमित नहीं है। यह दिन पुलिस बल के प्रत्येक सदस्य को अपने कर्तव्य, अनुशासन और जनसेवा के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहने का संदेश देता है। शहीद जवानों ने देश और समाज की सुरक्षा के लिए जिस निष्ठा से काम किया, उसी भावना के साथ पुलिस बल को अपनी जिम्मेदारियां निभानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ आम नागरिकों की सुरक्षा पुलिस की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जनता का विश्वास मजबूत करना और जरूरत के समय लोगों की सहायता करना भी पुलिस सेवा का अहम हिस्सा है। शहीदों की स्मृति तभी सार्थक होगी, जब उनके सेवा भाव और कर्तव्यनिष्ठा के आदर्शों को व्यवहार में अपनाया जाएगा।
शहीदों के बलिदान को किया नमन
पुलिस स्मृति दिवस पर देशभर में कर्तव्य पालन (martyred) के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों को याद किया जाता है। इस अवसर पर उनके साहस, त्याग और देश के प्रति समर्पण को नमन किया जाता है। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य में, जहां लंबे समय तक नक्सल हिंसा सुरक्षा बलों के सामने बड़ी चुनौती रही, वहां शहीद जवानों की स्मृति का विशेष महत्व है।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश के माध्यम से जवानों के योगदान को रेखांकित करते हुए सेवा की इस परंपरा को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि शहीदों का बलिदान देश की सुरक्षा, एकता और अखंडता के प्रति समर्पण की याद दिलाता है। उनका जीवन और कर्तव्यनिष्ठा पुलिस बल के साथ-साथ समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।



