यूरोप में एक ही दिन 7 यात्री विमानों को बम से उड़ाने की धमकी, कई एयरपोर्ट पर हड़कंप; लड़ाकू विमानों ने दी सुरक्षा

यूरोप में 3 नवंबर को उस समय हड़कंप मच गया, जब अलग-अलग देशों के हवाई रास्तों पर उड़ रहे सात यात्री विमानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलीं। सुरक्षा अलर्ट के बाद कहीं एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा, तो कहीं लड़ाकू विमानों ने यात्री विमानों को सुरक्षा देते हुए सुरक्षित लैंडिंग कराई। राहत की बात यह रही कि सभी विमान सुरक्षित उतरे और जांच में किसी भी विमान से बम या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ।
शुरुआत में चार विमानों को धमकी मिलने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन बाद में यह संख्या बढ़कर सात हो गई। इन विमानों में रयानएयर, विज एयर, LOT और SAS जैसी एयरलाइंस की उड़ानें शामिल थीं। ये विमान ब्रिटेन, आयरलैंड, डेनमार्क और पुर्तगाल से उड़ान भरकर पोलैंड, स्पेन, इटली और बुल्गारिया जा रहे थे।
सरकार ने बताया फर्जी थीं सभी धमकियां
ब्रिटेन सरकार ने इन धमकियों को फर्जी बताया है। हालांकि, जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या सभी घटनाओं के पीछे कोई एक व्यक्ति या समूह शामिल था। धमकियों के बाद संबंधित एयरपोर्ट पर इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया। यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर विमानों और उनके सामान की तलाशी ली गई।
धमकी मिलने वाली उड़ानों में लंदन के हीथ्रो एयरपोर्ट से वारसा जा रहा LOT का विमान भी शामिल था। सुरक्षा कारणों से उसे वारसा के मुख्य एयरपोर्ट के बजाय दूसरे एयरपोर्ट पर उतारा गया।
एयरपोर्ट बंद, लड़ाकू विमानों ने संभाली कमान
डेनमार्क से वारसा जा रही SAS की फ्लाइट को भी बम की धमकी मिली। वहीं, मैनचेस्टर से स्पेन के मर्सिया जा रहे रयानएयर विमान की लैंडिंग के बाद जांच की गई। इटली और बुल्गारिया जाने वाली अन्य उड़ानों को भी इसी तरह की धमकियां मिलीं।
धमकियों के बाद पोलैंड के वारसा-मोडलिन एयरपोर्ट को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा। वहां लंदन से आए LOT विमान के यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालकर विमान की तलाशी ली गई। जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिलने के बाद एयरपोर्ट को दोबारा खोल दिया गया।
इटली में डबलिन से रोम जा रहे रयानएयर विमान को वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने सुरक्षा देते हुए एयरपोर्ट तक पहुंचाया। बुल्गारिया के सोफिया एयरपोर्ट पर भी विमानों की जांच की गई, जबकि स्पेन के मर्सिया एयरपोर्ट पर आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा गया।
क्या सभी धमकियों के पीछे एक ही साजिश थी?
एविएशन सिक्योरिटी विशेषज्ञ फिलिप बॉम के मुताबिक, इस तरह की ज्यादातर धमकियां ऐसे लोग देते हैं जिन्हें इससे मजा आता है या जो किसी वजह से उड़ानों में देरी कराना चाहते हैं। उनका कहना है कि अगर विमानन उद्योग हर बेबुनियाद धमकी पर इसी तरह प्रतिक्रिया देने लगे, तो उड़ानों का संचालन प्रभावित हो सकता है।
बॉम के अनुसार, आतंकवादी संगठन अगर किसी विमान में बम पहुंचाने की योजना बनाते हैं, तो आमतौर पर पहले से इसकी जानकारी नहीं देते, बल्कि हमले के बाद उसकी जिम्मेदारी लेते हैं।
फिलहाल जांच एजेंसियां सातों धमकियों के स्रोत का पता लगाने में जुटी हैं। सभी विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और जांच में विस्फोटक नहीं मिलने से यात्रियों और विमानन कंपनियों ने राहत की सांस ली है।



