भिलाई यस बैंक के 165 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन मामले में CBI की जांच पर हाईकोर्ट ने उठाए सवाल, 13 जनवरी को अगली सुनवाई

भिलाई। भिलाई स्थित यस बैंक में 165 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान सीबीआई की जांच पर सवाल उठाए गए। याचिकाकर्ता प्रभुनाथ मिश्रा के अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि पिछले 7 से 8 महीनों में सीबीआई की जांच केवल बैंक खातों के KYC तक सीमित रही है। अब तक न तो सभी लेनदेनकर्ताओं की भूमिका स्पष्ट हुई है और न ही करोड़ों रुपये के नकद लेनदेन का कारण सामने आया है।
दरअसल, पूर्व मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के विस्तृत आदेश के बाद इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि पहले राज्य पुलिस की जांच में भी खानापूर्ति की गई थी और अब सीबीआई की जांच में भी वैसी ही स्थिति दिखाई दे रही है।
अधिवक्ताओं ने सवाल उठाया कि बैंक खाते में करोड़ों रुपये किसके कहने पर जमा किए गए और बाद में यह रकम कहां गई, इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। इसके अलावा कथित लेनदेन में किन राजनेताओं और उद्योगपतियों की भूमिका रही, यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है। अनिमेष सिंह की ओर से दर्ज कराई गई FIR पर कार्रवाई नहीं होने का मुद्दा भी अदालत में उठाया गया।
सीलबंद लिफाफे में पेश की अंतरिम रिपोर्ट
3 नवंबर 2026 को सीबीआई ने हाईकोर्ट में सीलबंद लिफाफे में जांच की अंतरिम रिपोर्ट पेश की। सीबीआई की ओर से बताया गया कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार व्यास और न्यायमूर्ति सुधीर कुमार की खंडपीठ ने विदेश से आई रकम के किसी बड़े आर्थिक रैकेट से जुड़े होने की आशंका पर भी जानकारी मांगी।
कोर्ट ने यस बैंक के अध्यक्ष के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में चल रहे कथित करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े के मामले से वर्तमान प्रकरण के तार जुड़े होने को लेकर भी सीबीआई से जवाब मांगा है। इसके लिए एजेंसी को शपथपत्र प्रस्तुत कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।
13 जनवरी 2027 को होगी अगली सुनवाई
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता सतीश कुमार त्रिपाठी के अनुसार, हाईकोर्ट मामले में तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने अनिमेष सिंह और हितेश चौबे से संबंधित दोनों FIR में ठोस कार्रवाई और जब्ती नहीं होने पर भी सवाल उठाए।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 जनवरी 2027 को होगी।



