वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट के बीच भारतीय शेयर बाजार में तेजी, सेंसेक्स 220 अंक चढ़ा

अमेरिका से लेकर एशिया तक के शेयर बाजारों में शुक्रवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। अमेरिकी टेक और चिप कंपनियों के शेयरों में गिरावट का असर जापान, ताइवान और दक्षिण कोरिया के बाजारों पर भी पड़ा। इसके बावजूद भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। विदेशी निवेशकों की खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने घरेलू बाजार को सहारा दिया।
एशियाई बाजारों में भारी गिरावट, कोरिया में ट्रेडिंग रोकनी पड़ी
अमेरिकी बाजार में आई गिरावट के बाद शुक्रवार सुबह एशियाई बाजारों में भी बिकवाली तेज हो गई। जापान का निक्केई 7 फीसदी तक गिर गया, जबकि ताइवान का बाजार करीब 9 फीसदी टूट गया। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में भी 9 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में 8.55 फीसदी गिरावट के बाद वहां सर्किट ब्रेकर लागू करना पड़ा और 20 मिनट के लिए कारोबार रोक दिया गया।
इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों पर पड़ा। दक्षिण कोरिया में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और एसके हाइनिक्स के शेयर 9 फीसदी से अधिक टूट गए।
सेंसेक्स और निफ्टी ने दिखाई मजबूती
विदेशी बाजारों में गिरावट के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। सुबह 9 बजकर 34 मिनट पर सेंसेक्स 220.38 अंक यानी 0.27 फीसदी की बढ़त के साथ 79,530.39 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 5.31 अंक यानी 0.02 फीसदी चढ़कर 24,541.90 पर पहुंच गया।
सेंसेक्स के शेयरों में महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) सबसे आगे रहा। इसमें 2.30 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा इंफोसिस 2.01 फीसदी, टेक महिंद्रा 1.34 फीसदी, टीसीएस 1.30 फीसदी और एचसीएल टेक्नोलॉजीज 1.26 फीसदी चढ़े। दूसरी ओर पावर ग्रिड में 2.24 फीसदी और बजाज फाइनेंस में 2.14 फीसदी की गिरावट आई। इंडिगो के शेयर भी करीब 2 फीसदी टूट गए।
इससे एक दिन पहले गुरुवार को भी सेंसेक्स ने अप्रैल के बाद की सबसे बड़ी एकदिनी बढ़त दर्ज की थी।
विदेशी निवेशकों की खरीदारी से मिला सहारा
भारतीय बाजार की मजबूती के पीछे विदेशी निवेशकों की बड़ी खरीदारी को अहम वजह माना जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने दो साल से अधिक समय में भारतीय शेयरों में सबसे बड़ी खरीदारी की है। इससे घरेलू बाजार को उस समय सहारा मिला, जब दुनिया के कई प्रमुख बाजार दबाव में थे।
इसके अलावा पश्चिम एशिया में ईरान युद्ध समाप्त होने की संभावनाओं से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आई है। तेल की कीमतों में अप्रैल के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की गई। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह राहत की बात है।
अमेरिकी टेक शेयरों में गिरावट से बिगड़ा वैश्विक बाजार का माहौल
अमेरिकी बाजार में गुरुवार को भारी बिकवाली हुई। एसएंडपी 500 इंडेक्स 4.4 फीसदी गिर गया, जो अप्रैल 2025 में टैरिफ से जुड़ी गिरावट के बाद इसका सबसे खराब कारोबारी दिन रहा। वहीं नैस्डैक 100 में 6.4 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इसके चलते अमेरिकी बाजार की कुल वैल्यू में एक ही दिन में करीब 2.3 ट्रिलियन डॉलर की कमी आई। मार्च 2020 के बाद यह एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट बताई जा रही है।
अमेरिका में चिप कंपनियों के शेयरों में गिरावट के बाद निवेशकों ने एशियाई बाजारों में भी AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों की बिकवाली शुरू कर दी। निवेशकों को आशंका है कि अमेरिकी संसद में डेमोक्रेटिक पार्टी का प्रभाव बढ़ने से AI उद्योग पर सख्त नियम लागू हो सकते हैं। इस चिंता का असर टेक कंपनियों के शेयरों पर दिखाई दिया।



