रेखा सरकार के गाल पर तमाचा: दिल्ली अग्निकांड के बाद कारोबारी बोला, यहां सब चलता है

दिल्ली। नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टे बी एंड बी होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद गिरफ्तार होटल मालिक लवकेश बजाज का बयान अब कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने अपने कारोबार का विस्तार करने के लिए होटल में निर्धारित सीमा से अधिक कमरे बनाए और कई संरचनात्मक बदलाव किए। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि उसने पूछताछ के दौरान कहा, “होटल में ये सारे मॉडिफिकेशन सामान्य हैं और दिल्ली में सब चलता है।”
लवकेश बजाज के इस बयान ने राजधानी में भवन निर्माण नियमों, प्रशासनिक निगरानी और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर बहस छेड़ दी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दिल्ली सरकार की बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति के तहत होटल को केवल छह कमरों की अनुमति थी, लेकिन वहां 25 कमरे संचालित किए जा रहे थे।
इतना ही नहीं, इमारत में अवैध रूप से अतिरिक्त मंजिलें भी बनाई गई थीं और भवन का पूरा नक्शा संबंधित विभागों में जमा नहीं कराया गया था।
होटल प्रबंधन ने नहीं ली थी फायर एनओसी
जांच में यह भी पता चला है कि भवन की ऊंचाई 15 मीटर से अधिक थी, जिसके लिए फायर एनओसी अनिवार्य थी, लेकिन होटल प्रबंधन ने यह अनुमति भी नहीं ली थी। होटल में बाहर निकलने के लिए केवल एक रास्ता था, जिससे आपात स्थिति में लोगों के सुरक्षित निकास की व्यवस्था बेहद सीमित हो गई थी।
बताया जा रहा है कि होटल के बेसमेंट में संचालित रेस्टोरेंट में आग लगने के बाद कुछ ही मिनटों में पूरा भवन आग की चपेट में आ गया। इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 11 विदेशी नागरिक और 10 भारतीय शामिल हैं। मृत विदेशी नागरिकों में अफ्रीकी देशों और तुर्कमेनिस्तान के लोग भी शामिल थे।
उपराज्यपाल ने जांच के दिए निर्देश
हादसे के बाद प्रशासन हरकत में आया है। उपराज्यपाल ने उच्चस्तरीय बैठक बुलाकर मामले की मजिस्ट्रियल जांच के निर्देश दिए हैं। जांच के जरिए यह पता लगाया जाएगा कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी कैसे हुई और इस त्रासदी के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है। यह हादसा एक बार फिर बताता है कि नियमों की अनदेखी और लापरवाही कितनी बड़ी मानवीय त्रासदी का कारण बन सकती है।

