कांग्रेस से बढ़ी दूरी, राज्यसभा में अलग बैठने की तैयारी में डीएमके; इंडिया गठबंधन की बैठक का भी बहिष्कार

नई दिल्ली। डीएमके और कांग्रेस के बीच बढ़ते मतभेद अब संसद तक पहुंच गए हैं। लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी डीएमके ने कांग्रेस से अलग बैठने की मांग की है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी की यह मांग राज्यसभा सभापति तक पहुंचा दी गई है और जल्द नई सीट व्यवस्था लागू हो सकती है।
जानकारी के अनुसार, डीएमके की नेता कनिमोझी ने 7 मई को राज्यसभा सभापति को पत्र लिखकर पार्टी सांसदों के लिए कांग्रेस से अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की थी। वर्तमान में डीएमके सांसद राज्यसभा में कांग्रेस के साथ पहले ब्लॉक में बैठते हैं, लेकिन अब उन्हें दूसरे ब्लॉक में स्थान दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।
विधानसभा चुनावों के बाद दोनों दलों के रिश्तों में खटास और बढ़ गई है। डीएमके ने कांग्रेस पर राजनीतिक विश्वासघात का आरोप लगाया है। इसी नाराजगी के चलते पार्टी ने 8 जून को होने वाली इंडिया गठबंधन की बैठक में शामिल न होने का फैसला किया है।
डीएमके के प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा कि कांग्रेस के साथ मौजूद किसी भी बैठक में शामिल होने का सवाल नहीं उठता। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने पार्टी के साथ धोखा किया है और कार्यकर्ताओं में इसे लेकर भारी नाराजगी है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि डीएमके का यह रुख विपक्षी एकता के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। संसद में अलग बैठने की मांग और इंडिया गठबंधन की बैठक से दूरी, दोनों कदम बदलते राजनीतिक समीकरणों की ओर संकेत कर रहे हैं।
अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में डीएमके और कांग्रेस के रिश्तों में सुधार होता है या दोनों दलों के बीच दूरी और बढ़ती है।

