फिलीपींस में 7.8 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही, 41 लोगों की मौत; 20 हजार से अधिक लोग बेघर

मनीला: फिलीपींस में 8 जून को आए 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 41 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। चार लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। भूकंप के बाद 20 हजार से ज्यादा लोगों को अपने घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है।
भूकंप का केंद्र फिलीपींस के दूसरे सबसे बड़े द्वीप मिंडानाओ के पास समुद्र में स्थित था। भूकंप के बाद सुनामी की आशंका से हजारों लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि सुनामी से बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन समुद्र की लहरें सामान्य से 1.4 मीटर तक ऊंची दर्ज की गईं।
भूस्खलन और इमारतें गिरने से सबसे ज्यादा नुकसान
जनरल सैंटोस शहर में इमारतों के ढहने और मलबा गिरने से 13 लोगों की मौत हो गई। वहीं सारंगानी प्रांत के ग्लान कस्बे में भूस्खलन की चपेट में आने से 18 लोगों की जान चली गई। अन्य मौतें साउथ कोटाबाटो, दावाओ ऑक्सिडेंटल और बालुट द्वीप में दर्ज की गई हैं।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार करीब 2,000 घर, 117 सरकारी इमारतें और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं क्षतिग्रस्त हुई हैं। जनरल सैंटोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है, जिससे 63 घरेलू उड़ानें रद्द करनी पड़ीं।
स्कूल खुलने के दिन आई आपदा
दो महीने की गर्मी की छुट्टियों के बाद जिस दिन देशभर में स्कूल खुले, उसी दिन भूकंप आया। कई छात्र सुबह के कार्यक्रम के दौरान घायल हो गए। प्रशासन ने लगभग 6,000 सरकारी इमारतों और स्कूलों की जांच के आदेश दिए हैं। जांच पूरी होने तक कई स्थानों पर शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित रहेंगी।
50 साल का सबसे शक्तिशाली भूकंप
विशेषज्ञों के अनुसार यह फिलीपींस में पिछले 50 वर्षों का सबसे शक्तिशाली भूकंप है। इससे पहले वर्ष 1976 में 8.1 तीव्रता के भूकंप और सुनामी में करीब 8,000 लोगों की मौत हुई थी।
राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा है। वहीं अमेरिका, जापान, फ्रांस और न्यूजीलैंड सहित कई देशों ने फिलीपींस को सहायता देने की पेशकश की है।

