ईरान युद्ध के बीच इजराइल पड़ रहा अलग-थलग? ट्रंप और नेतन्याहू के बढ़ते मतभेद बने चर्चा का विषय

ईरान के साथ जारी तनाव के बीच इजराइल को मिलने वाला अंतरराष्ट्रीय समर्थन कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। शुरुआत में अमेरिका, यूएई और बहरीन जैसे देशों का समर्थन मिलने के बावजूद अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और इजराइली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के बीच मतभेद गहरे होते जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि हालिया ईरान-इजराइल तनाव के दौरान अमेरिका ने स्पष्ट किया कि यह इजराइल की लड़ाई है और वॉशिंगटन सीधे तौर पर इसमें शामिल नहीं होना चाहता। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने नेतन्याहू से फोन पर कहा कि यदि इजराइल संघर्ष को आगे बढ़ाता है तो वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकेला पड़ सकता है।
इजराइल के अलग-थलग पड़ने की संभावित वजहें
1. युद्ध को लेकर अलग-अलग लक्ष्य
अमेरिका चाहता है कि ईरान विवाद परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रहे और कूटनीतिक समाधान निकले। वहीं इजराइल ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगी संगठनों के खिलाफ अधिक व्यापक कार्रवाई चाहता है।
2. खाड़ी देशों की चिंताएं
United Arab Emirates, Saudi Arabia और Qatar जैसे देश क्षेत्र में बड़े युद्ध से बचना चाहते हैं। अमेरिका इन देशों के साथ अपने संबंधों को भी ध्यान में रख रहा है।
3. ट्रंप-नेतन्याहू संबंधों में तनाव
कुछ विश्लेषकों का मानना है कि दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक और रणनीतिक मतभेद बढ़ गए हैं। इजराइली राजनयिकों और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों ने भी इस दूरी की ओर संकेत किया है।
4. भरोसे का संकट
यूएई और इजराइल के बीच भी कुछ घटनाओं को लेकर असहजता की खबरें सामने आई हैं, जिससे क्षेत्रीय समीकरण प्रभावित हुए हैं।
ट्रंप की कड़ी टिप्पणियां
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप ने हाल के दिनों में नेतन्याहू की नीतियों पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना जरूरी है और किसी भी बड़े संघर्ष के परिणाम पूरे मध्य पूर्व को प्रभावित कर सकते हैं।
हालांकि, अमेरिका और इजराइल अब भी करीबी सहयोगी बने हुए हैं, लेकिन ईरान मुद्दे पर दोनों देशों की रणनीतियों में अंतर साफ दिखाई दे रहा है।

