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ईरान ने हाईली एनरिच्ड यूरेनियम की सुरक्षा बढ़ाई, सुरंगें ध्वस्त कर बिछाईं बारूदी सुरंगें

अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की चर्चा के बीच ईरान ने अपने उच्च संवर्धित (हाईली एनरिच्ड) यूरेनियम भंडार की सुरक्षा और मजबूत कर दी है। अमेरिकी खुफिया सूत्रों के अनुसार, ईरान ने उन सुरंगों को जानबूझकर ध्वस्त कर दिया है जहां यह यूरेनियम रखा गया है। साथ ही, सुरंगों के प्रवेश मार्गों पर बारूदी सुरंगें (लैंड माइंस) भी बिछा दी गई हैं।

सूत्रों का दावा है कि इन कदमों के बाद यूरेनियम तक पहुंचना पहले की तुलना में कहीं अधिक कठिन, जोखिमपूर्ण और समय लेने वाला हो गया है।

समझौते से पहले उठाया गया बड़ा कदम

रिपोर्ट के अनुसार, यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने को लेकर बातचीत चल रही है। इन चर्चाओं में ईरान के संवर्धित यूरेनियम को हटाने और नष्ट करने का मुद्दा भी शामिल बताया जा रहा है।

हालांकि, ईरान का कहना है कि किसी संभावित समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद भी परमाणु कार्यक्रम को लेकर 60 दिनों तक अलग से वार्ता जारी रहेगी।

ईरान के लिए भी आसान नहीं होगा यूरेनियम निकालना

विशेषज्ञों का मानना है कि अब इस यूरेनियम को निकालना स्वयं ईरान के लिए भी आसान नहीं होगा। इसके लिए भारी मशीनों से खुदाई, बंद सुरंगों को दोबारा खोलना और बारूदी सुरंगों को निष्क्रिय करना पड़ेगा, जो एक जटिल और जोखिमभरी प्रक्रिया है।

पूर्व अमेरिकी परमाणु विशेषज्ञ Scott Roecker का कहना है कि यदि ये जानकारी सही है, तो यूरेनियम को सुरक्षित रूप से बाहर निकालना और उसकी स्वतंत्र जांच करना बेहद मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने आशंका जताई कि भविष्य में ईरान कुछ यूरेनियम तक पहुंच न होने का दावा कर सकता है, जिससे उसके परमाणु भंडार का पूर्ण सत्यापन कठिन हो सकता है।

कहां रखा गया है यूरेनियम?

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि अधिकांश संवर्धित यूरेनियम Isfahan Nuclear Facility के आसपास स्थित भूमिगत सुरंगों में रखा गया है। कुछ सामग्री अन्य गुप्त ठिकानों पर भी मौजूद हो सकती है।

बताया जाता है कि मई में अमेरिका ने इस सामग्री को अपने नियंत्रण में लेने के लिए सैन्य विकल्पों पर भी विचार किया था, लेकिन जोखिम अधिक होने के कारण उस योजना को मंजूरी नहीं दी गई।

प्रक्रिया में लग सकता है लंबा समय

विश्लेषकों के अनुसार, यदि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो भी जाता है, तब भी यूरेनियम को हटाने, सुरक्षित करने और नष्ट करने की प्रक्रिया में काफी समय लग सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump पहले कह चुके हैं कि इस काम को पूरा करने में कम से कम दो सप्ताह या उससे अधिक समय लग सकता है।

फिलहाल दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है, लेकिन यूरेनियम भंडार की सुरक्षा को लेकर ईरान के हालिया कदमों ने इस मुद्दे को और जटिल बना दिया है।

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