TMC में बढ़ी कलह: बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे ने ममता बनर्जी के तोहफे लौटाने का किया ऐलान

पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर जारी घमासान अब पारिवारिक और कानूनी विवाद तक पहुंच गया है। TMC की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार के बेटे डॉ. बैद्यनाथ घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की ओर से मिले सभी तोहफे लौटाने का ऐलान किया है।
डॉ. बैद्यनाथ घोष ने कहा कि वह अपनी पत्नी को शादी में मिला सोने का हार और दुर्गा पूजा के दौरान ममता बनर्जी की ओर से मिले कुर्ता-पायजामा समेत सभी उपहार वापस करेंगे। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं और अपनी अंतरात्मा की आवाज के चलते उन्होंने यह फैसला लिया है।
बेटे के फैसले के समर्थन में आईं काकोली घोष
डॉ. बैद्यनाथ की घोषणा के बाद उनकी मां और TMC की बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि उन्हें अपने बेटे और बहू पर गर्व है। इसे TMC नेतृत्व और बागी खेमे के बीच बढ़ती दूरी का संकेत माना जा रहा है।
जरूरत पड़ी तो ब्याज भी लौटाऊंगा
मीडिया से बातचीत में बैद्यनाथ घोष ने कहा कि ममता बनर्जी पिछले कई वर्षों से उन्हें दुर्गा पूजा पर पारंपरिक कुर्ता-पायजामा उपहार में देती रही हैं। उन्होंने कहा कि वे सभी उपहार वापस कर देंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सोने के हार पर ब्याज भी लौटाना पड़े तो वह उसके लिए भी तैयार हैं।
ममता समेत कई नेताओं को भेजेंगे कानूनी नोटिस
डॉ. बैद्यनाथ ने आरोप लगाया कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ कई TMC नेताओं ने अपमानजनक टिप्पणियां की हैं। उन्होंने कहा कि उनके वकील ममता बनर्जी और TMC के कुछ वरिष्ठ नेताओं को कानूनी नोटिस भेजेंगे।
उन्होंने जिन नेताओं का नाम लिया उनमें शामिल हैं:
- ममता बनर्जी
- महुआ मोइत्रा
- कल्याण बनर्जी
- सौगत रॉय
बैद्यनाथ घोष का कहना है कि इन नेताओं को अपने बयान वापस लेकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए, अन्यथा वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
TMC के लिए बढ़ी मुश्किलें
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में TMC के कुछ सांसदों के पार्टी से अलग होने और NDA को समर्थन देने की चर्चाएं चल रही हैं। ऐसे में पार्टी के भीतर बढ़ता असंतोष और नेतृत्व के खिलाफ खुलकर सामने आ रही नाराजगी TMC के लिए नई चुनौती बन सकती है।
हालांकि, ममता बनर्जी और TMC की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन यह मामला साफ संकेत दे रहा है कि पार्टी के अंदरूनी मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं।

