उज्बेकिस्तान की दो महिलाओं की होगी वतन वापसी,
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डिपोर्टेशन प्रक्रिया शुरू करने के दिए निर्देश

बिलासपुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने उज्बेकिस्तान की दो महिला नागरिकों से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाते हुए उनकी वतन वापसी का रास्ता साफ कर दिया है। बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जब राज्य सरकार, केंद्र सरकार और उज्बेकिस्तान दूतावास सहित सभी संबंधित पक्ष महिलाओं को उनके देश वापस भेजने पर सहमत हैं, तो मामले में आगे किसी विस्तृत विचार की आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने संबंधित एजेंसियों को डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
सभी पक्षों की सहमति के बाद कोर्ट का फैसला
मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार, केंद्र सरकार और उज्बेकिस्तान दूतावास की ओर से अदालत को बताया गया कि दोनों महिलाओं को जल्द से जल्द उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया पूरी की जानी चाहिए। दूतावास ने भी न्यायालय से अनुरोध किया था कि डिपोर्टेशन की कार्रवाई में तेजी लाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
सभी पक्षों की सहमति को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अब संबंधित विभागों और एजेंसियों को बिना किसी अनावश्यक देरी के कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर महिलाओं की वतन वापसी सुनिश्चित करनी चाहिए।
मार्च 2026 में रायपुर के होटल से हुई थी गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार उज्बेकिस्तान की नागरिक फेरूजा सबिरोवा और दिनोरा सफ्युतदिनोवा को मार्च 2026 में रायपुर के तेलीबांधा क्षेत्र स्थित एक निजी होटल से पकड़ा गया था। जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि एक महिला का वीजा समाप्त हो चुका था, लेकिन वह निर्धारित अवधि के बाद भी भारत में रह रही थी।
वहीं दूसरी महिला के पास न तो वैध वीजा था और न ही वैध पासपोर्ट। इसके बाद तेलीबांधा पुलिस ने अप्रैल 2026 में दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद से दोनों को डिटेंशन सेंटर में रखा गया था और मामले की कानूनी प्रक्रिया चल रही थी।
चीफ जस्टिस की खंडपीठ ने सुनाया आदेश
इस मामले की सुनवाई छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविन्द्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने की। सुनवाई के बाद अदालत ने डिपोर्टेशन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस, विदेशियों से संबंधित प्राधिकरणों और अन्य संबंधित एजेंसियों ने दोनों महिलाओं को जल्द उज्बेकिस्तान भेजने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
रायपुर जेल में बंद हैं कई विदेशी नागरिक
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में विदेशी नागरिकों के अवैध रूप से निवास करने के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्तमान में रायपुर जेल और डिटेंशन सेंटर में उज्बेकिस्तान की इन दोनों महिलाओं सहित कुल 10 विदेशी नागरिक विभिन्न मामलों में निरुद्ध हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाईकोर्ट का यह आदेश विदेशी नागरिकों के वीजा नियमों, अवैध निवास और डिपोर्टेशन से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाएगा। लंबे समय से लंबित इस मामले में अदालत के फैसले के बाद अब दोनों महिलाओं की अपने देश वापसी का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
कोर्ट के निर्देश के बाद संबंधित एजेंसियां आवश्यक दस्तावेजी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर जल्द ही दोनों महिलाओं को उज्बेकिस्तान भेजने की तैयारी में जुट गई हैं।

