
नई दिल्ली- नीट पेपर लीक और परीक्षा घोटालों को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और युवाओं का विरोध प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बैनर तले चल रहे इस अनिश्चितकालीन धरने में बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए। प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
छात्रों के समर्थन में उतरे सोनम वांगचुक
आंदोलन को उस समय और बल मिला जब प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने छात्रों के समर्थन का ऐलान किया। वांगचुक ने चेतावनी दी कि यदि सरकार पेपर लीक मामले और परीक्षा सुधारों को लेकर जल्द ठोस कदम नहीं उठाती है, तो वे छात्रों के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर सकते हैं।
मीम्स और पॉप कल्चर से जताया विरोध
धरने में शामिल युवाओं ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। पारंपरिक नारों की जगह सोशल मीडिया पर लोकप्रिय मीम्स और पॉप कल्चर का इस्तेमाल कर परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों ने एनटीए की कार्यप्रणाली और डेटा सुरक्षा को लेकर कई रचनात्मक पोस्टर भी लगाए, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहे।
युवाओं ने संभाली आंदोलन की कमान
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह युवाओं और छात्रों का है। उनका मानना है कि आज की पीढ़ी तक अपनी बात पहुंचाने के लिए आधुनिक और रचनात्मक तरीकों का इस्तेमाल जरूरी है। छात्रों ने कहा कि वे परीक्षा प्रणाली में सुधार और जवाबदेही तय होने तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
धरने में शामिल छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग भी उठाई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित नहीं बनाया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। इस आंदोलन को लेकर अब राजनीतिक और शैक्षणिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।

