
दिल्ली। देश की सबसे मूल्यवान गैर-सरकारी (corporate world) कंपनियों के लिए वर्ष 2026 चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है।
एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत की टॉप-10 कंपनियों का कुल वैल्यूएशन पिछले वर्ष के 97 लाख करोड़ रुपये से घटकर 86 लाख करोड़ रुपये रह गया है।
यानी एक साल में इन कंपनियों की बाजार कीमत में करीब 11 लाख करोड़ रुपये की गिरावट (corporate world) दर्ज की गई है। हालांकि इसके बावजूद इन कंपनियों का कुल मूल्यांकन देश की जीडीपी का लगभग एक-चौथाई और ‘2025 बरगंडी प्राइवेट हुरुन इंडिया 500’ सूची की कुल वैल्यू का 27 प्रतिशत हिस्सा बना हुआ है।
रिलायंस बनी नंबर 1 कंपनी
रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज लगातार पांचवें वर्ष देश की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी हुई है। खास बात यह है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद रिलायंस के वैल्यूएशन में 1.8 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
वहीं प्रतिशत के हिसाब से बजाज फाइनेंस सबसे तेज वृद्धि करने वाली कंपनी रही, जिसका मूल्यांकन 5.8 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
रिपोर्ट में बताया गया है कि पिछले एक दशक में शीर्ष 10 कंपनियों का संयुक्त मूल्यांकन 3.5 गुना (corporate world) बढ़ा है। साथ ही, पिछले पांच वर्षों से सात कंपनियां लगातार इस सूची में अपनी जगह बनाए हुए हैं।
हालांकि 2026 में हुरुन इंडिया 500 की केवल 198 कंपनियों के मूल्यांकन में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिलता है कि निवेशक अब सिर्फ ग्रोथ स्टोरी के बजाय मजबूत कारोबारी आधार और वित्तीय प्रदर्शन को प्राथमिकता दे रहे हैं।
95 नई कंपनियों की एंट्री
सूची में 95 नई कंपनियों की एंट्री भी हुई है, जिन्होंने कुल 18.45 लाख करोड़ रुपये का मूल्य जोड़ा है। वहीं खेल कारोबार का बढ़ता प्रभाव भी देखने को मिला।
पांच आईपीएल फ्रेंचाइजी—चेन्नई सुपर किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, पंजाब किंग्स, राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु—ने हुरुन इंडिया 500 में जगह बनाई। इनमें कोलकाता नाइट राइडर्स 20,850 करोड़ रुपये के मूल्यांकन के साथ सबसे मूल्यवान आईपीएल टीम बनकर उभरी है।

