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नाटो शिखर सम्मेलन में एर्दोगन ने नेताओं को भेंट की पिस्टल, अनोखे उपहार ने खींचा ध्यान

तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन ने नाटो शिखर सम्मेलन में शामिल हुए कई देशों के नेताओं को एक अनोखा उपहार दिया। उन्होंने मेहमान राष्ट्राध्यक्षों को उनके नाम खुदी हुई एक पिस्टल और गोलियों का डिब्बा भेंट किया। हालांकि, पिस्टल के मॉडल या ब्रांड की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह उपहार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों सहित कई नेताओं को दिया गया।

ब्रिटेन और कनाडा के प्रधानमंत्री नहीं ले जा सके पिस्टल

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने बताया कि उन्हें भी यह उपहार मिला, लेकिन ब्रिटेन के सख्त हथियार कानूनों के कारण वह पिस्टल अपने साथ नहीं ले जा सके और उसे तुर्किए में ही छोड़ना पड़ा।

वहीं, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने पिस्टल को रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) को सौंप दिया, जबकि गोलियां तुर्किए में ही छोड़ दी गईं। कनाडा सरकार अब अपने नियमों के अनुसार इस उपहार को सुरक्षित रखने पर फैसला करेगी।

पिस्टल उपहार देने की क्या हो सकती है वजह?

विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटोमन साम्राज्य के समय से तुर्किए में विदेशी मेहमानों को सजावटी तलवार, खंजर, पिस्टल या रिवॉल्वर भेंट करने की परंपरा रही है। इसे सम्मान, सैन्य विरासत और देश के रक्षा उद्योग की क्षमता दिखाने का प्रतीक माना जाता है।

आज तुर्किए ड्रोन, बैलिस्टिक मिसाइल, युद्धक टैंक, युद्धपोत और छोटे हथियारों के निर्माण में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि इस तरह के उपहार के जरिए तुर्किए अपने रक्षा उद्योग और हथियार निर्माण क्षमता को दुनिया के सामने प्रदर्शित करना चाहता है।

कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि यह कदम भविष्य में रक्षा सहयोग और हथियारों के निर्यात की संभावनाओं को बढ़ावा देने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में तुर्किए सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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