
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हुई एक दिन की मूसलाधार बारिश कई परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द बन गई। शहर के अलग-अलग इलाकों में जलभराव, खुले गड्ढों, करंट और दीवार गिरने जैसी घटनाओं में 3 मासूम बच्चों समेत कुल 6 लोगों की मौत हो गई। इन हादसों ने बारिश के दौरान सुरक्षा इंतजामों और प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
खेलते–खेलते पानी से भरे गड्ढे में समा गया 7 साल का मासूम
सबसे दर्दनाक मामला लोनी के अंकुर विहार थाना क्षेत्र के मिलक गांव से सामने आया। यहां झुग्गियों में रहने वाले सतीश का 7 वर्षीय बेटा पोलू घर के बाहर खेलते समय पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गया। बुधवार रात से हो रही लगातार बारिश के कारण पूरी बस्ती जलमग्न थी। गुरुवार शाम करीब 7 बजे पोलू अचानक लापता हो गया।
परिजनों ने देर रात तक उसकी तलाश की और पुलिस को सूचना दी। पूरी रात खोजबीन के बाद शुक्रवार दोपहर झुग्गी के पास बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में पोलू का शव तैरता मिला। बेटे का शव देखकर माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
करंट, दीवार और नाले ने भी छीनी कई जिंदगियां
बारिश के दौरान शहर में कई अन्य दर्दनाक हादसे भी सामने आए। इंदिरापुरम के ज्ञानखंड इलाके में जलभराव के बीच ट्रांसफार्मर में करंट उतरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं अबूपुर गांव के पास निर्माणाधीन सोसाइटी की चारदीवारी झुग्गियों पर गिर गई, जिसमें मलबे में दबकर एक मजदूर ने दम तोड़ दिया।
इसी बीच लोनी के अंकुर विहार में उफनते नाले के तेज बहाव में बहकर आए एक अज्ञात व्यक्ति का शव सड़क किनारे मिला। पुलिस उसकी पहचान करने में जुटी है।
जलभराव और खुले गड्ढे बने मासूमों के लिए मौत का जाल
बारिश के कारण सर्वोदय नगर, मसूरी और अंकुर विहार थाना क्षेत्रों में जलभराव और खुले गड्ढे तीन मासूम बच्चों की जान ले गए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई जगह जलनिकासी की व्यवस्था नहीं होने और खुले गड्ढों की घेराबंदी नहीं किए जाने से ये हादसे हुए।
बारिश के बाद सड़कों, गलियों और खाली प्लॉटों में जमा पानी लोगों के लिए जानलेवा साबित हुआ। सबसे अधिक खतरा बच्चों पर मंडराया, जो खेलते-खेलते गहरे पानी में समा गए।
प्रशासनिक तैयारियों पर उठे सवाल
एक ही दिन में हुई छह मौतों ने गाजियाबाद में बारिश से निपटने की तैयारियों की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव, खुले गड्ढों और बिजली सुरक्षा को लेकर समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाते तो कई जानें बचाई जा सकती थीं।
फिलहाल पुलिस सभी मामलों की जांच कर रही है। वहीं प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों, खुले गड्ढों और बिजली के उपकरणों से दूर रहने की अपील की है। लेकिन जिन परिवारों ने अपने अपनों को खो दिया, उनके लिए यह बारिश जिंदगी भर का ऐसा जख्म छोड़ गई है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।

