14 महीनों में 7 IPS अधिकारियों ने दिया इस्तीफा, जगमोहन मीणा के फैसले से फिर शुरू हुई चर्चा

देश में पिछले 14 महीनों के दौरान सात युवा आईपीएस अधिकारियों के इस्तीफे ने प्रशासनिक सेवा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। ताजा मामला ओडिशा कैडर के 2013 बैच के आईपीएस अधिकारी और भुवनेश्वर के तत्कालीन डीसीपी जगमोहन मीणा का है, जिन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने साफ कहा कि उनके फैसले के पीछे किसी तरह का राजनीतिक या बाहरी दबाव नहीं है और यह पूरी तरह निजी निर्णय है।
जगमोहन मीणा से पहले भी कई युवा आईपीएस अधिकारी सेवा छोड़ चुके हैं। इनमें बिहार कैडर की चर्चित अधिकारी काम्या मिश्रा, उत्तराखंड कैडर की रचिता जुयाल और आंध्र प्रदेश कैडर के सिद्धार्थ कौशल सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। अधिकांश अधिकारियों ने अपने इस्तीफे के पीछे व्यक्तिगत कारण, पारिवारिक जिम्मेदारियां या निजी करियर विकल्पों को वजह बताया है।
लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बाद यह सवाल फिर उठने लगा है कि देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओं में शामिल युवा अधिकारी अपेक्षाकृत कम समय में नौकरी क्यों छोड़ रहे हैं। हालांकि, सभी अधिकारियों ने अपने फैसले को निजी बताया है, लेकिन इन इस्तीफों ने प्रशासनिक सेवाओं के कार्य वातावरण और करियर विकल्पों को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है।

