राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण में SIT जांच अंतिम चरण में, रिपोर्ट में लापरवाही और अनियमितताओं के संकेत

अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा प्रबंधन से जुड़े कथित अनियमितता और चोरी के मामले की विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच अंतिम चरण में पहुंच गई है। जांच पूरी होने के बाद एसआईटी जल्द ही अपनी अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंप सकती है। बताया जा रहा है कि रिपोर्ट में चढ़ावा प्रबंधन प्रणाली, सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय प्रक्रियाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण निष्कर्ष शामिल किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने जांच के दौरान वित्तीय रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज, सुरक्षा प्रोटोकॉल, बैंकिंग प्रक्रिया और संबंधित कर्मचारियों व अधिकारियों के बयान का विस्तृत परीक्षण किया है। जांच अब केवल कथित चोरी तक सीमित नहीं रही, बल्कि चढ़ावा प्राप्त करने, उसकी गिनती, सुरक्षित रखने और बैंक में जमा करने की पूरी व्यवस्था की समीक्षा भी की गई है।
इससे पहले जून में सौंपी गई प्रारंभिक रिपोर्ट में कथित तौर पर सुरक्षा मानकों के उल्लंघन और नकदी गिनने वाले कुछ संविदा कर्मचारियों व पर्यवेक्षी कर्मियों की भूमिका का उल्लेख किया गया था। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों की जिम्मेदारी पर स्पष्ट निष्कर्ष अंतिम रिपोर्ट में शामिल किए जाने की बात सामने आई है।
जानकारी के मुताबिक, अंतिम रिपोर्ट में चढ़ावा प्रबंधन व्यवस्था में कथित लापरवाही, निगरानी तंत्र की कमियों और जवाबदेही से जुड़े पहलुओं का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस जांच का दायरा आगे बढ़ सकता है और आवश्यकता पड़ने पर अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।
रिपोर्ट में कथित मुख्य आरोपियों से जुड़े कुछ व्यक्तियों और ट्रस्ट के कुछ पदाधिकारियों के बीच संबंधों का भी उल्लेख किए जाने की चर्चा है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम निर्णय जांच रिपोर्ट और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई और संभावित जिम्मेदारियों को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल मामले की आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है और जांच से जुड़े निष्कर्षों का अंतिम फैसला संबंधित प्राधिकारियों द्वारा ही लिया जाएगा।

