महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, EbixCash चेयरमैन विकास गर्ग 10 दिन की रिमांड पर

रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के रायपुर जोनल कार्यालय ने महादेव ऑनलाइन बुक, स्काईएक्सचेंज और अन्य अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए EbixCash के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार किया है। विशेष पीएमएलए अदालत ने उन्हें 24 जुलाई तक 10 दिन की ईडी रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसी का दावा है कि मामले में अब तक करीब 4,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां अटैच, जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं।
दिल्ली से गिरफ्तारी, रायपुर में पेशी
ईडी के अनुसार, विकास गर्ग को 14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उन्हें नई दिल्ली की विशेष पीएमएलए अदालत में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद 15 जुलाई को रायपुर लाया गया। रायपुर की विशेष अदालत ने ईडी की मांग स्वीकार करते हुए उन्हें 24 जुलाई तक 10 दिनों की हिरासत में भेज दिया।
पूछताछ में बड़े खुलासों की उम्मीद
ईडी का मानना है कि रिमांड के दौरान अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन, शेल कंपनियों के इस्तेमाल और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
4,000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
जांच एजेंसी के मुताबिक, महादेव ऑनलाइन बुक और स्काईएक्सचेंज से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अब तक लगभग 4,000 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्तियां अटैच, जब्त या फ्रीज की जा चुकी हैं। ईडी का कहना है कि यह देश के सबसे बड़े वित्तीय अपराध मामलों में से एक है।
कैसे चलता था नेटवर्क?
ईडी ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग सहित आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में दर्ज एफआईआर के आधार पर जांच शुरू की थी। जांच में सामने आया कि यह सट्टेबाजी सिंडिकेट विदेश से संचालित फ्रेंचाइजी आधारित पैनल नेटवर्क के जरिए काम करता था और हर महीने 450 करोड़ रुपये से अधिक की कथित अवैध कमाई करता था।
शेल कंपनियों के जरिए मनी लॉन्ड्रिंग
ईडी के अनुसार, अवैध कमाई को शेल कंपनियों और कई स्तरों वाले वित्तीय नेटवर्क के जरिए वैध दिखाने की कोशिश की गई। जांच में दावा किया गया है कि दुबई, मॉरीशस और यूनाइटेड किंगडम स्थित कंपनियों के माध्यम से QIP, FPI, FDI और FCCB जैसे निवेश मार्गों का इस्तेमाल किया गया। यह धन विकास गर्ग के नियंत्रण वाली सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध कंपनियों में लगाया गया।
जांच एजेंसी का यह भी आरोप है कि इसी धन का उपयोग अमेरिका की कंपनी EBIX Inc. में 97.58 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने और भारत व विदेश में विभिन्न शेयरों, प्रतिभूतियों तथा अन्य परिसंपत्तियों में निवेश के लिए किया गया।
पहले भी हो चुकी है संपत्ति कुर्क
ईडी ने 5 जून 2026 को जारी एक प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर के तहत विकास गर्ग, उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों की करीब 940.77 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की थीं। इनमें आवासीय संपत्तियां, भूमि, इक्विटी शेयर और अन्य प्रतिभूतियां शामिल थीं।
ईडी का दावा है कि जांच के दौरान भी विकास गर्ग कथित अपराध से अर्जित धन को छिपाने और इधर-उधर करने की कोशिश करते रहे। मामले में अब तक सात प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए जा चुके हैं और विशेष पीएमएलए अदालत मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध का संज्ञान ले चुकी है। मामले की जांच अभी जारी है।

