रायपुर में 200 से अधिक स्कूल बसों की जांच शुरू
ब्रेक, टायर और फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच

रायपुर। नए शैक्षणिक सत्र में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने बड़े स्तर पर स्कूल बसों(School buses) का निरीक्षण अभियान चलाया। रविवार को पुलिस परेड ग्राउंड में शहर के विभिन्न स्कूलों की 200 से अधिक बसों को जांच के लिए बुलाया गया। अभियान का उद्देश्य केवल औपचारिक फिटनेस जांच नहीं, बल्कि उन सभी संभावित खामियों की पहचान करना है जो बच्चों की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती हैं।
हर बस की सुरक्षा व्यवस्था का किया गया बारीकी से परीक्षण
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्कूल बसों(School buses) की बाहरी और अंदरूनी दोनों व्यवस्थाओं की जांच की। ब्रेक सिस्टम, स्टीयरिंग, टायरों की स्थिति, स्पीड गवर्नर, फायर सेफ्टी उपकरण, इमरजेंसी गेट, फर्स्ट एड किट और अन्य अनिवार्य सुरक्षा इंतजामों को एक-एक कर परखा गया। जिन वाहनों में नियमों के अनुरूप व्यवस्थाएं मिलीं, उन्हें आगे संचालन की अनुमति दी गई, जबकि कमियां मिलने पर सुधार के निर्देश दिए गए।
चालक की फिटनेस भी बनी जांच का अहम हिस्सा
अभियान सिर्फ स्कूल बसों(School buses) तक सीमित नहीं रहा। स्कूल बस चलाने वाले ड्राइवरों और परिचालकों का भी स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। उनकी दृष्टि क्षमता, सामान्य स्वास्थ्य और वाहन संचालन के लिए आवश्यक शारीरिक फिटनेस की जांच की गई। अधिकारियों का मानना है कि सुरक्षित वाहन के साथ सतर्क और स्वस्थ चालक भी बच्चों की सुरक्षा की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है।
नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई, बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
पुलिस कमिश्नरेट ने साफ किया है कि जिन स्कूल बसों में तकनीकी खामी, फिटनेस संबंधी कमी या सुरक्षा नियमों का उल्लंघन मिलेगा, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर नोटिस जारी कर बसों को सुधार के बाद ही संचालन की अनुमति दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा, ताकि स्कूल परिवहन व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित रहे और अभिभावकों को अपने बच्चों की यात्रा को लेकर किसी तरह की चिंता न हो।

