‘पेपर लीक माफिया BJP में, RSS तय करता है पेपर’; PM मोदी पर संजय राउत का तीखा हमला

नई दिल्ली: संसद के दोनों सदनों से एंटी पेपर लीक बिल पारित होने के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोशल मीडिया पर बिल को लेकर प्रतिक्रिया देने के बाद शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। राउत ने आरोप लगाया कि देश में पेपर लीक कराने वाले असली माफिया भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उससे जुड़े लोगों के बीच मौजूद हैं।
‘बीजेपी से जुड़े हैं पेपर लीक के सरगना‘
संजय राउत ने कहा कि केंद्र में बीजेपी सरकार बनने के बाद देश के कई राज्यों में भर्ती परीक्षाओं और प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाएं लगातार सामने आई हैं। उनका दावा है कि महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में गिरफ्तार किए गए आरोपियों के राजनीतिक संबंध सत्ता पक्ष से जुड़े रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक नेटवर्क को राजनीतिक संरक्षण मिलता रहा है।
RSS पर भी लगाए गंभीर आरोप
राउत ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कई कोचिंग संस्थानों के संचालकों के सत्ता पक्ष से करीबी संबंध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया में संघ से जुड़े लोगों की भूमिका रहती है, जिसकी वजह से परीक्षा से पहले ही पेपर बाहर आ जाते हैं। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किया।
‘वंदे मातरम‘ चर्चा को लेकर भी सरकार पर सवाल
शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने संसद में ‘वंदे मातरम’ विधेयक पर हुई चर्चा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इतने महत्वपूर्ण विषय पर बहस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सदन में मौजूद नहीं थे। राउत ने सवाल उठाते हुए कहा कि चुनावी मंचों पर राष्ट्रवाद और वंदे मातरम की बात करने वाली सरकार संसद में चर्चा के समय अनुपस्थित क्यों रही।
राहुल गांधी का किया बचाव
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से राहुल गांधी पर की गई टिप्पणियों का जवाब देते हुए संजय राउत ने कांग्रेस सांसद का बचाव किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पढ़े-लिखे, संस्कारी और गंभीर नेता हैं, जो सोच-समझकर अपनी बात रखते हैं। राउत ने कहा कि सत्ता पक्ष के नेताओं को भाषा और संसदीय मर्यादा का पालन करना चाहिए।
राजनीतिक माहौल हुआ गरम
एंटी पेपर लीक बिल के पास होने के बाद जहां केंद्र सरकार इसे परीक्षाओं में पारदर्शिता और नकल माफिया पर बड़ी कार्रवाई की दिशा में ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष सरकार की मंशा और उसके दावों पर सवाल उठा रहा है। संजय राउत के ताजा बयान से राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। अब इस मुद्दे पर बीजेपी की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

