Chhattisgarh

खैरागढ़ के लिए गौरव का क्षण: कुलपति प्रो. लवली शर्मा को आकाशवाणी का ‘टॉप ग्रेड आर्टिस्ट’ सम्मान

खैरागढ़। भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में खैरागढ़ के लिए गर्व का अवसर आया है। प्रो. लवली शर्मा को सितार वादन में उत्कृष्ट योगदान के लिए आकाशवाणी, नई दिल्ली ने प्रतिष्ठित ‘टॉप ग्रेड आर्टिस्ट’ का दर्जा प्रदान किया है। यह सम्मान उन्हें दशकों की संगीत साधना, शोध और भारतीय शास्त्रीय संगीत के संरक्षण एवं संवर्धन में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया गया है।

इस उपलब्धि के साथ प्रो. लवली शर्मा आगरा की पहली कलाकार बन गई हैं, जिन्हें आकाशवाणी का यह सर्वोच्च सम्मान मिला है। उनकी इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय परिवार, कला जगत और संगीत प्रेमियों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी है।

सितार वादन और संगीत शोध में बनाई अलग पहचान

प्रो. लवली शर्मा भारतीय शास्त्रीय संगीत की प्रतिष्ठित सितार वादक हैं। वह सितार विषय में डी.लिट. की उपाधि प्राप्त करने वाली पहली महिला वादिका भी हैं। संगीत शिक्षा, शोध और भारतीय कला परंपराओं के संरक्षण में उनके योगदान को लंबे समय से राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जाता रहा है।

राजा मानसिंह तोमर संगीत एवं कला विश्वविद्यालय, ग्वालियर की कुलपति रहते हुए उन्होंने संगीत विषय पर 13 से अधिक पुस्तकों का लेखन किया। साथ ही जेलों में बंदियों के पुनर्वास के लिए संगीत को माध्यम बनाकर म्यूजिक थेरेपी के जरिए मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया।

खैरागढ़ विश्वविद्यालय में किए कई महत्वपूर्ण बदलाव

राजकुमारी इन्दिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय की कुलपति बनने के बाद प्रो. शर्मा ने शिक्षा, शोध और सांस्कृतिक गतिविधियों को नई दिशा दी। उनके कार्यकाल में शैक्षणिक गुणवत्ता बढ़ाने, शोध को प्रोत्साहन देने और अधोसंरचना विकास पर विशेष जोर दिया गया।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शी पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया, समय पर परीक्षा परिणाम, राष्ट्रीय संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग और विशेषज्ञ कलाकारों के प्रशिक्षण जैसी कई पहल उनके नेतृत्व में शुरू हुईं। विश्वविद्यालय को ‘ए ग्रेड’ की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए। वर्षों से बंद ऐतिहासिक राधा-कृष्ण मंदिर और राजमहल के प्रथम तल को फिर से जन उपयोग के लिए तैयार किया गया।

सांस्कृतिक गतिविधियों और विद्यार्थियों को मिला नया मंच

उनके कार्यकाल में तीन वर्षों बाद खैरागढ़ महोत्सव का सफल आयोजन हुआ। इसके अलावा ‘श्रुति मंडल’, राष्ट्रीय संगोष्ठियां, पुस्तक मेला, नाट्य महोत्सव, नि:शुल्क ग्रीष्मकालीन कला शिविर और जनजातीय गौरव कार्यक्रम जैसी कई गतिविधियों ने विश्वविद्यालय को नई पहचान दिलाई।

विद्यार्थियों ने भी राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। विश्वविद्यालय के चार छात्रों का चयन नई दिल्ली की ललित कला अकादमी की छात्रवृत्ति के लिए हुआ। सेंट्रल जोन युवा उत्सव में विश्वविद्यालय ने ओवरऑल तीसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि राष्ट्रीय अंतर-विश्वविद्यालय युवा उत्सव में भी विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

छत्तीसगढ़ के लिए गौरव

विश्वविद्यालय में विदेशी विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 32 तक पहुंच गई। साथ ही 55 सीटर वातानुकूलित बस, नई एम्बुलेंस की स्वीकृति, शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया और विश्वविद्यालय का नाम बदलकर राजकुमारी इन्दिरा सिंह कला संगीत विश्वविद्यालय किए जाने जैसी उपलब्धियां भी इसी कार्यकाल में दर्ज हुईं।

आकाशवाणी का ‘टॉप ग्रेड आर्टिस्ट’ सम्मान भारतीय शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में माना जाता है। प्रो. लवली शर्मा को मिला यह सम्मान उनकी वर्षों की संगीत साधना, कला शोध, शिक्षा और सामाजिक योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर मिली बड़ी पहचान है। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए, बल्कि खैरागढ़ विश्वविद्यालय और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए भी गौरव का विषय है।

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