चंद्रशेखर तिवारी पुनः बने निर्विरोध प्रांताध्यक्ष, कर्मचारियों ने भरी आंदोलन की हुंकार

रायपुर। छत्तीसगढ़ तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ की प्रांतीय आमसभा एवं वार्षिक अधिवेशन सप्रे शाला परिसर स्थित कर्मचारी भवन, रायपुर में गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। प्रदेश भर से जुटे हज़ारों कर्मचारियों और पदाधिकारियों की मौजूदगी में संगठन के भावी नेतृत्व और कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया। अधिवेशन के मुख्य आकर्षण के रूप में हुए संगठनात्मक चुनाव में वर्तमान प्रांताध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी को सर्वसम्मति से पुनः निर्विरोध प्रांताध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया।
इस निर्णय के साथ ही प्रदेश भर के कर्मचारियों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। आमसभा में मौजूद सभी सदस्यों ने उनके निर्भीक, कुशल और दूरदर्शी नेतृत्व पर एक बार फिर गहरा विश्वास जताया है।
कर्मचारी भवन में हुआ भव्य प्रांतीय अधिवेशन
2 अगस्त को आयोजित इस एकदिवसीय वार्षिक अधिवेशन में राज्य के कोने-कोने से संघ के जिलाध्यक्ष, प्रांतीय पदाधिकारी और आम कर्मचारी भारी संख्या में पहुंचे। कार्यक्रम का शुभारंभ संगठनात्मक विषयों पर चर्चा के साथ हुआ।
सत्र की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ पदाधिकारियों ने संघ की एकता और मजबूती पर जोर दिया। कार्यक्रम का सफल और मंच संचालन मुक्तेश्वर देवांगन द्वारा किया गया, जिन्होंने अपनी कुशल वाकपटुता से पूरे कार्यक्रम को बांधे रखा।
सर्वसम्मति से चंद्रशेखर तिवारी के नाम पर लगी मुहर
प्रांतीय आमसभा के सबसे महत्वपूर्ण सत्र में प्रांताध्यक्ष पद का निर्वाचन प्रक्रियाबद्ध तरीके से संपन्न हुआ। चुनाव के दौरान संघ के सभी सदस्यों, पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों ने एक स्वर में चंद्रशेखर तिवारी के नाम का प्रस्ताव रखा।
कर्मचारियों का मानना है कि वर्तमान परिदृश्य में संगठन के हितों की रक्षा, शासन के समक्ष कर्मचारियों का पक्ष मजबूती से रखने और संगठनात्मक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए चंद्रशेखर तिवारी की दूरदर्शी सोच अत्यंत आवश्यक है। उनके निर्भीक नेतृत्व को देखते हुए किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया और उन्हें पुनः सर्वसम्मति से निर्विरोध प्रांताध्यक्ष चुन लिया गया।
लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का संकल्प
पुनः निर्वाचन के बाद कर्मचारियों को संबोधित करते हुए और आमसभा की चर्चा के दौरान शासन स्तर पर लंबे समय से लंबित मांगों का मुद्दा प्रमुखता से छाया रहा। अधिवेशन में उपस्थित कर्मचारियों और संघ के सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि अपनी जायज मांगों को मनवाने के लिए अब निर्णायक संघर्ष की आवश्यकता है।
नवनिर्वाचित प्रांताध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी और उपस्थित सदस्यों ने आगामी दिनों में कर्मचारी हित में उग्र आंदोलन करने का दृढ़ संकल्प लिया। सभा में स्पष्ट किया गया कि यदि शासन ने कर्मचारियों की लंबित समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया, तो संघ सड़क पर उतरकर प्रांतीय स्तर पर बड़ा आंदोलन खड़ा करेगा।
वरिष्ठ सदस्यों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का आत्मीय सम्मान
अधिवेशन के दौरान संगठन के प्रति निष्ठा और निरंतर सेवा देने वाले वरिष्ठ साथियों का आदर-सत्कार भी किया गया। आमसभा सत्र में संघ के वरिष्ठ सदस्यों, विभिन्न जिलों से आए जिलाध्यक्षों तथा हाल ही में सेवानिवृत्त हुए कर्मचारी साथियों का शाल एवं श्रीफल भेंटकर भावभीना और आत्मीय सम्मान किया गया। इस दौरान माहौल काफी भावुक और उत्साहजनक रहा।
प्रदेश भर से जुटे दिग्गज प्रांतीय नेता और जिलाध्यक्ष
इस विशाल अधिवेशन में राज्य के लगभग सभी जिलों के प्रमुख नेतृत्वकर्ताओं की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम में संघ के संरक्षक रामाधार साहू, राजेंद्र चंद्राकर, रुपेश तिवारी और हरिवल्लभ शर्मा प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
इसके साथ ही धमतरी से जिलाध्यक्ष चंदू चंद्राकर व राकेश राजेश पाण्डेय, जांजगीर से अर्जुन क्षत्रिय व निधि जायसवाल, महासमुंद से दिलीप तिवारी, गरियाबंद से एम. आर. खान व बसंत द्विवेदी, बिलासपुर से चंद्रशेखर पाण्डेय व कौशल कौशिक, पेंड्रा-मरवाही से गोवर्धन विश्वास, रायपुर से फारुख कादरी, जशपुर से सोहन भगत, कोरबा से अनिल रात्रे तथा अंबिकापुर से नवीन केशरी शामिल हुए।
कार्यक्रम में मुक्तेश्वर देवांगन, तिलक यादव, देवेंद्र साहू, आयुष सिंह, विजय वर्मा, रविंद्र मरकाम, अरुण ध्रुव, दीपांकर मंडल, करीम खान सहित प्रदेश भर के विभिन्न ब्लॉक एवं तहसील अध्यक्ष तथा कार्यकारिणी के सदस्य भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। अधिवेशन के समापन पर नवनिर्वाचित प्रांताध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने सभी सदस्यों, पदाधिकारियों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि संगठन उनकी उम्मीदों पर खरा उतरेगा और कर्मचारियों के हक की लड़ाई पूरी ताकत से लड़ी जाएगी।

