राशन लेने पहुंचे तो लगा झटका! भाटापारा में सैकड़ों BPL कार्ड ब्लॉक
दुकानों पर उमड़ी भीड़

अचानक कार्ड ब्लॉक होने से लोगों में नाराजगी और चिंता का माहौल है। कई हितग्राहियों का कहना है कि उन्हें कार्ड ब्लॉक किए जाने की पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई थी। राशन दुकान पर पहुंचने के बाद उन्हें इस बारे में पता चला।
राशन दुकानों पर बढ़ी भीड़, हितग्राही परेशान
भाटापारा नगर पालिका क्षेत्र के साथ ग्रामीण इलाकों में भी बड़ी संख्या में राशन कार्ड प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद राशन दुकानों और संबंधित विभागीय कार्यालयों में लोगों की भीड़ बढ़ गई है।
कई परिवारों का कहना है कि अगर जल्द कार्ड बहाल नहीं हुए तो उन्हें घर का राशन जुटाने में परेशानी हो सकती है। खासकर ऐसे परिवार जो सरकारी राशन पर निर्भर हैं, उनके लिए यह चिंता का बड़ा कारण बन गया है।
नई गाइडलाइन के तहत हो रही कार्रवाई
खाद्य विभाग के मुताबिक राशन कार्ड ब्लॉक करने की कार्रवाई केंद्र सरकार की नई सामान्य पात्रता शर्तों और 12 बिंदुओं वाली गाइडलाइन के आधार पर की जा रही है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी हिमांशु वर्मा के अनुसार प्राप्त आंकड़ों और निर्धारित मापदंडों के आधार पर पात्रता की जांच की जा रही है। जो हितग्राही तय नियमों के अनुसार अपात्र पाए जा रहे हैं, उनके राशन कार्ड ब्लॉक किए जा रहे हैं।
इन वजहों से ब्लॉक हो सकता है राशन कार्ड
नई पात्रता शर्तों के तहत कुछ स्थितियों में BPL कार्डधारी अपात्र माने जा सकते हैं। इनमें आयकरदाता होना, सरकारी कर्मचारी या पेंशनधारी परिवार से होना, निर्धारित सीमा से ज्यादा आय, चार पहिया वाहन या तय सीमा से ज्यादा कृषि भूमि जैसी स्थितियां शामिल हैं।
इसके अलावा बड़ा पक्का मकान, डुप्लीकेट राशन कार्ड, अधूरी E-KYC, आधार और बैंक खाते का लिंक नहीं होना, मृत सदस्य का नाम कार्ड से नहीं हटाना और लंबे समय तक राशन नहीं लेने जैसे कारणों से भी कार्ड ब्लॉक किया जा सकता है।
कार्ड ब्लॉक होने पर उठे सवाल
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि कई परिवारों को यह समझ नहीं आ रहा कि उनका कार्ड आखिर किस वजह से ब्लॉक हुआ है।
ग्रामीण इलाकों में जमीन का एक निश्चित हिस्सा होना सामान्य बात है। ऐसे में जमीन या अन्य मानकों के आधार पर पात्रता तय करने को लेकर भी लोगों में सवाल हैं।
कुछ लोगों का आरोप है कि पहले बड़ी संख्या में राशन कार्ड बनाए गए और अब सख्त नियमों के तहत उन्हें ब्लॉक किया जा रहा है। इस पूरी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।
हितग्राहियों की मांग- कारण बताएं, पात्रों के कार्ड बहाल हों
प्रभावित हितग्राहियों की मांग है कि जिन लोगों के राशन कार्ड ब्लॉक किए गए हैं, उन्हें स्पष्ट कारण बताया जाए। साथ ही जो परिवार जांच में पात्र पाए जाएं, उनके कार्ड जल्द से जल्द बहाल किए जाएं।
क्योंकि मामला सिर्फ एक कार्ड का नहीं है। राशन कार्ड से जुड़े हजारों परिवारों की रसोई और रोजमर्रा की जरूरतें इसी सरकारी खाद्यान्न पर निर्भर हैं।
अब देखना होगा कि खाद्य विभाग की जांच के बाद कितने कार्ड वास्तव में अपात्र पाए जाते हैं और कितने पात्र हितग्राहियों के कार्ड दोबारा बहाल किए जाते हैं।

