साजा तहसील भवन की हालत जर्जर, बारिश में भीग रहे राजस्व रिकॉर्ड; मरम्मत का इंतजार

बेमेतरा जिले के साजा तहसील मुख्यालय का पुराना भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। बारिश के दौरान छत से पानी टपकने और कई कमरों में पानी जमा होने से अधिकारी-कर्मचारियों को काम करने में परेशानी हो रही है। भवन की खिड़कियां और दरवाजे खराब हो चुके हैं, जबकि बरामदे की टाइल्स भी उखड़ गई हैं।
सबसे ज्यादा चिंता तहसील के रिकॉर्ड रूम को लेकर है। बारिश का पानी अंदर पहुंचने से महत्वपूर्ण राजस्व दस्तावेजों में सीलन आ रही है। वर्षों पुराने रिकॉर्ड खराब होने पर किसानों और राजस्व मामलों से जुड़े लोगों को भविष्य में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
मुख्य गेट जर्जर, शौचालय की सुविधा भी अपर्याप्त
तहसील कार्यालय का मुख्य प्रवेश द्वार भी जर्जर हो चुका है। वहीं महिला और पुरुषों के लिए पर्याप्त शौचालय नहीं होने से दूरदराज से आने वाले पक्षकारों, विशेषकर महिलाओं को परेशानी होती है। अधिवक्ताओं और पक्षकारों ने पूरे भवन की व्यापक मरम्मत कराने की मांग की है।
मंत्री को ज्ञापन देने के बाद भी काम शुरू नहीं
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष मूलचंद शर्मा के अनुसार भवन की मरम्मत को लेकर प्रभारी मंत्री और लोक निर्माण मंत्री अरुण साव को बेमेतरा दौरे के दौरान ज्ञापन सौंपा गया था। मंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ है। अधिवक्ता संघ दोबारा मंत्री से मिलकर समस्या उठाने की तैयारी में है। मामले की जानकारी क्षेत्रीय विधायक ईश्वर साहू को भी दी गई है।
राशि की कमी का दिया जा रहा हवाला
अधिवक्ताओं का कहना है कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से कई बार भवन की मरम्मत की मांग की गई, लेकिन हर बार राशि की कमी का हवाला दिया जाता है। उनका कहना है कि सरकारी भवनों के रखरखाव के लिए स्वीकृत राशि का उपयोग किस तरह हो रहा है, इसकी भी जानकारी सामने आनी चाहिए।
जांच के बाद भेजा जाएगा मरम्मत का प्रस्ताव
एसडीओ सागर साहू ने बताया कि तहसील भवन की जर्जर स्थिति की जानकारी विभाग को है। भवन की वास्तविक स्थिति का आकलन कराया जाएगा। इसके बाद जांच प्रतिवेदन के साथ मरम्मत का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों को भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने के बाद नियमानुसार मरम्मत कार्य कराया जाएगा।



