IGKV में पेपर लीक पर बड़ा एक्शन, तीसरी परीक्षा भी हुई रद्द; सितंबर में फिर होगा एग्जाम

रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में पेपर लीक के लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक और बड़ी परीक्षा को निरस्त कर दिया है। बीएससी कृषि प्रथम वर्ष, द्वितीय सेमेस्टर की ‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’ (APB 5121) परीक्षा रद्द कर दी गई है। यह परीक्षा 19 अगस्त 2026 को आयोजित की गई थी। विश्वविद्यालय की ओर से जारी सर्कुलर में परीक्षा निरस्त करने के पीछे प्रशासनिक कारण बताया गया है। अब यह परीक्षा सितंबर 2026 के दूसरे सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएगी।
परीक्षा से पहले वायरल हुआ था प्रश्नपत्र
जानकारी के मुताबिक, 19 अगस्त को सुबह 10 बजे ‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’ की परीक्षा होनी थी। परीक्षा शुरू होने से करीब 5 घंटे पहले प्रश्नपत्र की PDF छात्रों के बीच वायरल होने का मामला सामने आया था। वायरल PDF को लेकर छात्रों के बीच चर्चा शुरू हुई कि उसमें दिए गए सवाल परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मिलते-जुलते हैं।
बताया गया कि वायरल PDF में प्रश्नपत्र के तीनों हिस्सों के सवाल मौजूद थे। इतना ही नहीं, 6 नंबर वाले लॉन्ग आंसर प्रश्नों के साथ उनके उत्तर भी PDF में होने का दावा किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के लिए तेलीबांधा पुलिस को पत्र लिखा था।
अब तक तीन परीक्षाएं निरस्त
IGKV में पेपर लीक से जुड़े मामलों के बीच अब तक तीन परीक्षाओं को रद्द किया जा चुका है। इससे पहले 7 अगस्त को आयोजित बीएससी कृषि प्रथम वर्ष की प्लांट पैथोलॉजी और 20 अगस्त को आयोजित बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी परीक्षा निरस्त की गई थी।
अब 19 अगस्त को हुई ‘फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स’ परीक्षा भी इस सूची में शामिल हो गई है। लगातार परीक्षाएं रद्द होने से विद्यार्थियों के बीच भी चिंता बढ़ गई है।
सितंबर में दोबारा होंगी परीक्षाएं
विश्वविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, निरस्त की गई परीक्षाओं को सितंबर में दोबारा आयोजित किया जाएगा। प्लांट पैथोलॉजी और एंटोमोलॉजी की परीक्षाएं सितंबर के पहले सप्ताह, जबकि फंडामेंटल्स ऑफ जेनेटिक्स की परीक्षा सितंबर के दूसरे सप्ताह में कराई जाएगी।
विद्यार्थियों को संशोधित परीक्षा कार्यक्रम के लिए विश्वविद्यालय की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही छात्रों को अपने संबंधित कॉलेज या डीन कार्यालय से भी परीक्षा की नई तारीख की जानकारी लेते रहने को कहा गया है।
पेपर छात्रों तक कैसे पहुंचा, जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि परीक्षा से कुछ घंटे पहले प्रश्नपत्र की PDF छात्रों तक कैसे पहुंची। यदि वायरल PDF और वास्तविक प्रश्नपत्र में समानता की पुष्टि होती है, तो यह भी जांच का विषय होगा कि प्रश्नपत्र किस स्तर से लीक हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस से जांच और आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया है। अब पुलिस जांच और विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच रिपोर्ट के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
लगातार तीसरी परीक्षा रद्द होने से IGKV की परीक्षा व्यवस्था और प्रश्नपत्रों की गोपनीयता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्रों को अब नई तारीख का इंतजार है, वहीं विश्वविद्यालय और पुलिस की जांच पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



