छत्तीसगढ़ GST विभाग की 2022 की परीक्षा रद्द, कार्रवाई पर सियासत तेज; अरुण साव और दीपक बैज आमने-सामने

रायपुर। छत्तीसगढ़ के GST विभाग में वर्ष 2022 में हुई विभागीय परीक्षा को निरस्त किए जाने के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। डिप्टी सीएम अरुण साव ने कार्रवाई को सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति से जोड़ते हुए कहा कि जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां कार्रवाई होगी। वहीं PCC चीफ दीपक बैज ने सरकार की कार्रवाई और इस मामले में हुई देरी पर सवाल उठाए हैं।
राज्य कर विभाग ने लिपिक वर्ग से वाणिज्यिक कर निरीक्षक पद पर नियुक्ति के लिए आयोजित सीमित प्रतियोगिता परीक्षा-2022 को शून्य घोषित करते हुए निरस्त कर दिया है। विभागीय जांच में आरक्षण रोस्टर, उपस्थिति पंजी, अंक तालिका, उत्तर-पुस्तिकाओं की कोडिंग और पुनर्मूल्यांकन से संबंधित अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है।
जांच में चयनित अभ्यर्थियों की उत्तर-पुस्तिकाओं में एक समान उत्तर लिखे जाने की बात भी सामने आई है। परीक्षा के आधार पर 1 जुलाई 2022 को जारी नियुक्ति आदेश को भी निरस्त कर दिया गया है। आदेश के मुताबिक प्रभावित कर्मचारियों को उनके मूल पद और मूल पदस्थापना पर वापस लौटना होगा। यह आदेश आयुक्त राज्य कर की ओर से 11 सितंबर 2026 को जारी किया गया।
अरुण साव बोले- जहां गड़बड़ी मिलेगी, वहां होगी कार्रवाई
परीक्षा निरस्त किए जाने को लेकर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि यह विष्णु देव साय सरकार का सुशासन है और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि युवाओं और लोगों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और सरकार जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
अरुण साव ने इस मामले को कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से जोड़ते हुए युवाओं के साथ अन्याय और राज्य के खजाने को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए।
दीपक बैज ने कार्रवाई और देरी पर उठाए सवाल
वहीं PCC चीफ दीपक बैज ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षा को शून्य घोषित करना या जांच करना सरकार की मर्जी है। उन्होंने कहा कि अगर प्रमोशन में गड़बड़ी हुई है तो सरकार जांच करा सकती है।
बैज ने सीजीपीएससी की कथित गड़बड़ियों का भी जिक्र किया और सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि CGPSC परीक्षा का इंटरव्यू स्थगित किया जाना भी सवाल खड़े करता है। बैज के मुताबिक, सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए तीन साल तक इस मामले पर सोई रही। उन्होंने कहा कि सरकार को जांच करनी है तो कर ले, उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।



