GST कटौती का असर: डिशवॉशर की बिक्री में 49% उछाल, कीमतें ₹7,500 तक घटीं

पिछले साल जीएसटी दरों में कटौती के बाद भारत में डिशवॉशर की मांग तेजी से बढ़ी है। कंपनियों ने इसकी कीमतों में 4,500 से 7,500 रुपये तक की कमी की है। इसके चलते 2026 के शुरुआती छह महीनों में डिशवॉशर की बिक्री में सालाना आधार पर 49 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। छोटे शहरों में भी इस उपकरण की मांग बढ़ रही है।
जीएसटी घटने से कीमतों में कमी
सरकार ने 22 सितंबर 2025 से डिशवॉशर पर जीएसटी 10 प्रतिशत अंक घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था। इसके बाद कंपनियों ने कीमतों में कटौती की, जिससे डिशवॉशर की शुरुआती कीमत करीब 25,000 रुपये हो गई है। यह कीमत अब फ्रिज और वॉशिंग मशीन जैसे घरेलू उपकरणों के आसपास पहुंच गई है।
बिक्री से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, 15 प्लेस सेटिंग वाले ज्यादा क्षमता के डिशवॉशर की बिक्री में 137 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। टियर-2 शहरों की कुल बिक्री में हिस्सेदारी करीब 30 प्रतिशत तक पहुंच गई है। पहले इस उत्पाद की मांग मुख्य रूप से बड़े शहरों से आती थी।
भारतीय रसोई के अनुसार बदले फीचर्स
कंपनियां भारतीय खाना पकाने के तरीकों और बर्तनों को ध्यान में रखकर डिशवॉशर में बदलाव कर रही हैं। अब मशीनों में कढ़ाई, प्रेशर कुकर, बिरयानी के बर्तन और मसाले के दाग साफ करने जैसे फीचर्स पर जोर दिया जा रहा है। कुछ कंपनियां ग्राहकों को 30 दिन का ट्रायल और रिटर्न सुविधा भी दे रही हैं, ताकि डिशवॉशर से जुड़ी गलतफहमियों को दूर किया जा सके।
एक प्रमुख घरेलू उपकरण कंपनी के अधिकारी के अनुसार, जीएसटी कटौती के साथ जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों से भी बिक्री में वृद्धि हुई है। कंपनी ने अगस्त में ही वर्ष 2025 की कुल बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया था, जिसमें 1.14 लाख से अधिक डिशवॉशर शामिल थे।
भारत में अभी सीमित है इस्तेमाल
बिक्री में तेजी के बावजूद भारत में डिशवॉशर का इस्तेमाल अभी भी सीमित है। देश के करीब 0.5 प्रतिशत घरों में ही यह उपकरण मौजूद है। इसके मुकाबले अमेरिका और पश्चिमी यूरोप में लगभग 70 से 75 प्रतिशत घरों में डिशवॉशर का इस्तेमाल किया जाता है।
शहरीकरण, कामकाजी महिलाओं की बढ़ती संख्या, आय में वृद्धि और कीमतों में कमी को डिशवॉशर की बढ़ती मांग की प्रमुख वजह माना जा रहा है। कई नई कंपनियां भी इस श्रेणी में प्रवेश कर रही हैं, जबकि खुदरा विक्रेता घरेलू उपकरणों की बिक्री बढ़ाने के लिए डिशवॉशर को बढ़ावा दे रहे हैं।



