Gullu Liquor Case:48 घंटे से ज्यादा जेल में रहे शिक्षक, DEO ने किया निलंबित, जानिए पूरा मामला

रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से जुड़े गुल्लू शराब मामले में अब शिक्षा विभाग ने भी कार्रवाई की है। कथित अवैध शराब परिवहन के मामले में गिरफ्तार अमोदी प्राथमिक शाला के सहायक शिक्षक और संकुल समन्वयक तीरित राम बांधे को जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
शिक्षा विभाग के अनुसार, शिक्षक के आपराधिक प्रकरण में 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के कारण सेवा नियमों के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है। विभाग की ओर से जारी आदेश में संबंधित सेवा नियमों का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि शिक्षक के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले में अंतिम दोष या निर्दोषता का निर्धारण न्यायालय की प्रक्रिया के तहत होगा। विभागीय निलंबन को आपराधिक मामले में दोषसिद्धि नहीं माना जाता।
क्या है गुल्लू शराब मामला?
मामला रायपुर जिले के गुल्लू स्थित शासकीय शराब दुकान से कथित अवैध शराब निकासी और परिवहन से जुड़ा है।
पुलिस के मुताबिक रविवार रात आरंग थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि गुल्लू स्थित शासकीय शराब दुकान से बड़ी मात्रा में शराब एक अर्टिगा कार के जरिए कथित रूप से अवैध तरीके से ले जाई जा रही है।
सूचना मिलने के बाद पुलिस ने रानीसागर हनुमान मंदिर के पास घेराबंदी की। इसी दौरान CG 04 QB 5200 नंबर की अर्टिगा कार को रोककर उसकी तलाशी ली गई।
पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान वाहन से देशी मसाला शराब बरामद हुई।
कार से बरामद हुई 160 पाव शराब
पुलिस के मुताबिक अर्टिगा कार से कुल 160 पाव देशी मसाला शराब बरामद की गई। इसकी मात्रा करीब 28.800 बल्क लीटर बताई गई है।
बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 16 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने शराब के साथ उस वाहन को भी जब्त किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के अनुसार शराब और वाहन सहित कुल करीब 8.16 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की गई।
इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई और शराब दुकान से जुड़े कर्मचारियों समेत कुल सात लोगों को गिरफ्तार किया।
शिक्षक समेत सात लोगों की गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार इस मामले में शराब दुकान के सुपरवाइजर, सेल्समैन, मल्टी-वर्कर, वाहन चालक समेत अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार लोगों में उबारन दास पुरेना, राजेश काटले, सुरेश बांधे, भरत रात्रे, दिलीप कुमार कुर्रे, भागवत बारले और सहायक शिक्षक तीरित राम बांधे के नाम शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
इसके बाद सभी आरोपियों को न्यायालय के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया।
48 घंटे से ज्यादा न्यायिक हिरासत में रहने पर निलंबन
शराब मामले में गिरफ्तारी के बाद सहायक शिक्षक तीरित राम बांधे के 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहने की जानकारी शिक्षा विभाग को मिली।
इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी जी. सतीश कुमार ने शिक्षक के निलंबन का आदेश जारी किया।
विभागीय आदेश के मुताबिक शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन की कार्रवाई में सेवा नियमों का हवाला दिया गया है।
यानी मामला सिर्फ पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शिक्षक की सरकारी सेवा पर भी इसका सीधा असर पड़ा है।
किन नियमों के तहत हुई कार्रवाई?
जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 का उल्लेख किया गया है।
इसके अलावा 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहने के आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9(2)(क) के तहत निलंबन की कार्रवाई की गई है।
सेवा नियमों के तहत किसी सरकारी कर्मचारी के 48 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रहने की स्थिति में निलंबन का प्रावधान लागू हो सकता है।
हालांकि, शिक्षक के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले में अदालत की प्रक्रिया अभी अलग से जारी रहेगी।
निलंबन के दौरान कहां रहेगा शिक्षक का मुख्यालय?
निलंबन अवधि के दौरान तीरित राम बांधे का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO), तिल्दा कार्यालय निर्धारित किया गया है।
विभागीय आदेश के अनुसार निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
अब आगे शिक्षक के खिलाफ विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई होती है और पुलिस के आपराधिक मामले में जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर नजर रहेगी।
पुलिस जांच अभी जारी
गुल्लू शासकीय शराब दुकान से कथित अवैध शराब निकासी और परिवहन से जुड़े मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है।
पुलिस ने शराब और वाहन जब्त करने के साथ सात लोगों की गिरफ्तारी की है। अब जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि शराब की कथित निकासी और परिवहन की पूरी प्रक्रिया कैसे हुई और इसमें किसकी क्या भूमिका थी।
वहीं शिक्षा विभाग ने शिक्षक के 48 घंटे से अधिक न्यायिक हिरासत में रहने को आधार बनाकर निलंबन की कार्रवाई की है।
फिलहाल इस मामले में पुलिस की जांच, न्यायिक प्रक्रिया और विभागीय कार्रवाई तीनों अपने-अपने स्तर पर आगे बढ़ रही हैं।
जरूरी बात
शिक्षक पर शराब परिवहन से जुड़े मामले में आरोप हैं और पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया है। अदालत से अंतिम दोषसिद्धि होने तक उन्हें आरोपी के रूप में ही देखा जाएगा। वहीं शिक्षा विभाग का निलंबन सेवा नियमों के तहत की गई प्रशासनिक कार्रवाई है, इसे आपराधिक मामले में दोषसिद्धि नहीं माना जाता



