बिना टिकट सफर पड़ा भारी, 202 यात्री पकड़े गए, रेलवे ने वसूले 2.49 लाख रुपये

भाटापारा। रेलवे की ओर से यात्रियों को बिना टिकट या अनियमित टिकट के साथ यात्रा करने से रोकने के लिए लगातार विशेष टिकट चेकिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में भाटापारा रेलवे स्टेशन और यहां से गुजरने वाली ट्रेनों में विशेष टिकट जांच अभियान चलाया गया।
इस अभियान के दौरान स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों के साथ-साथ 14 ट्रेनों में यात्रियों के टिकटों की जांच की गई। जांच के दौरान रेलवे नियमों का उल्लंघन करने से जुड़े कुल 316 मामले सामने आए।
इन मामलों में बिना टिकट यात्रा, अनियमित टिकट, निर्धारित सीमा से अधिक सामान लेकर यात्रा और अनाधिकृत रूप से सामान बेचने वाले वेंडरों के मामले शामिल रहे।
रेलवे के अनुसार, इन सभी मामलों से कुल 2 लाख 49 हजार 275 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
बिना टिकट यात्रा करते मिले 202 यात्री
विशेष टिकट चेकिंग अभियान के दौरान सबसे ज्यादा मामले बिना टिकट यात्रा से जुड़े सामने आए।
जांच टीम ने कुल 202 यात्रियों को बिना टिकट यात्रा करते हुए पकड़ा। रेलवे के मुताबिक इन यात्रियों से कुल 1 लाख 89 हजार 800 रुपये का राजस्व प्राप्त किया गया।
रेलवे की टीम ने जांच के दौरान यात्रियों को यह भी समझाइश दी कि वे ट्रेन में सफर करने से पहले अपना वैध टिकट जरूर बनवाएं।
रेलवे के नियमों के मुताबिक बिना टिकट यात्रा करने पर यात्री को निर्धारित किराया और नियमों के तहत जुर्माना देना पड़ सकता है। ऐसे में रेलवे लगातार यात्रियों से अपील करता है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले टिकट जरूर लें।
71 यात्रियों के टिकट में मिली अनियमितता
टिकट चेकिंग अभियान में केवल बिना टिकट यात्री ही नहीं, बल्कि अनियमित टिकट के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों पर भी कार्रवाई की गई।
जांच के दौरान ऐसे 71 मामले सामने आए।
इन मामलों से रेलवे को कुल 50 हजार 775 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की कि वे अपनी यात्रा की दूरी और श्रेणी के अनुसार सही टिकट लेकर ही ट्रेन में सफर करें। गलत श्रेणी या यात्रा से संबंधित अनियमित टिकट पाए जाने पर रेलवे नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
अधिक लगेज लेकर यात्रा करने वालों पर भी कार्रवाई
विशेष अभियान के दौरान रेलवे की टीम ने यात्रियों के सामान की भी जांच की।
इस दौरान निर्धारित सीमा से अधिक लगेज लेकर यात्रा करने के 41 मामले सामने आए।
रेलवे के मुताबिक इन यात्रियों से कुल 4 हजार 700 रुपये का राजस्व प्राप्त किया गया।
रेलवे की ओर से यात्रियों को लगातार सलाह दी जाती है कि वे ट्रेन में निर्धारित सीमा के अनुसार ही सामान लेकर यात्रा करें। जरूरत से ज्यादा सामान लेकर यात्रा करने की स्थिति में रेलवे के नियमों के अनुसार अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है।
दो अनाधिकृत वेंडर भी पकड़े गए
भाटापारा स्टेशन पर चलाए गए इस अभियान के दौरान रेलवे ने अनाधिकृत रूप से सामान बेचने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की।
जांच टीम ने 2 अनाधिकृत वेंडरों को पकड़ा। इन मामलों से रेलवे को कुल 4 हजार रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में खाद्य सामग्री या अन्य सामान बेचने के लिए अधिकृत अनुमति जरूरी होती है। बिना अनुमति सामान बेचने वालों के खिलाफ रेलवे समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करता है।
14 ट्रेनों और सभी प्लेटफार्मों पर हुई जांच
रेलवे के विशेष अभियान को केवल स्टेशन परिसर तक सीमित नहीं रखा गया।
टीम ने भाटापारा रेलवे स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों के साथ यहां से गुजरने वाली 14 ट्रेनों में भी यात्रियों के टिकट की जांच की।
इस दौरान टीम ने यात्रियों के टिकट, यात्रा की श्रेणी और सामान से संबंधित नियमों की जांच की।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस तरह के अभियान का उद्देश्य यात्रियों को नियमों के प्रति जागरूक करना और बिना टिकट या अनियमित तरीके से यात्रा करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाना है।
25 से ज्यादा टिकट चेकिंग स्टाफ रहे मौजूद
भाटापारा रेलवे स्टेशन पर चलाए गए विशेष टिकट जांच अभियान में रेलवे अधिकारियों के साथ 25 से अधिक टिकट चेकिंग स्टाफ मौजूद रहे।
इसके अलावा आरपीएफ के 4 जवानों ने भी अभियान में सहयोग किया।
बड़ी टीम के साथ स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों और ट्रेनों में जांच की गई, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्रियों के टिकट की जांच की जा सके।
रेलवे ने यात्रियों से की अपील
रेलवे अधिकारियों ने यात्रियों से अपील की है कि ट्रेन में सफर करने से पहले वैध टिकट जरूर लें। यात्रियों को अपनी यात्रा के अनुसार सही श्रेणी का टिकट लेना चाहिए और निर्धारित सीमा के भीतर ही सामान लेकर सफर करना चाहिए।
रेलवे का कहना है कि विशेष टिकट चेकिंग अभियान आगे भी जारी रह सकते हैं। ऐसे में यात्रियों को रेलवे के नियमों का पालन करने और बिना टिकट यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
भाटापारा में हुई इस कार्रवाई में कुल 316 मामलों में रेलवे ने 2,49,275 रुपये का राजस्व प्राप्त किया। इनमें बिना टिकट यात्रा करने वाले 202 यात्री, अनियमित टिकट के 71 मामले, अधिक लगेज के 41 मामले और 2 अनाधिकृत वेंडर शामिल रहे।
आंकड़ों पर एक नजर
| कार्रवाई | मामले | प्राप्त राजस्व |
| बिना टिकट यात्रा | 202 | ₹1,89,800 |
| अनियमित टिकट | 71 | ₹50,775 |
| अधिक लगेज | 41 | ₹4,700 |
| अनाधिकृत वेंडर | 2 | ₹4,000 |
| कुल | 316 | ₹2,49,275 |



